Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
दुमका : दुर्गा पूजा में वार्ड 15 की सफाई व्यवस्था ठप, घरों में सड़ रहा कचरा; दुर्गंध से लोग बेहाल दुर्गा पूजा विसर्जन जुलूस में अश्लील गाने बजाने पर रोक लगाने की मांग, राष्ट्रीय बजरंग दल ने सौंपा ज्... माता-पिता के प्रति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सेवा और समर्पण भाव अनुकरणीय : डॉ.शम्स तबरेज़ खान मां दुर्गा के दर्शन के लिए खुले पूजा पंडालों के पट, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ माँ दुर्गा के बोधन अनुष्ठान के साथ सतन आश्रम में श्रद्धालुओं के लिए खुले मंदिर के पट हामर झारखंड रे’ गीत से दुमका की अनन्या सिन्हा ने बिखेरी झारखंड की लोकसंस्कृति की खुशबू, जल्द आएगा दु... बेथेल मिशन स्कूल में गरबा और डांडिया की धूम, पारंपरिक परिधानों में झूमे छात्र-छात्राएं दुमका में श्राद्ध के दौरान गाय को लेकर हुआ ऐसा गोलमाल कि पंडित जी के अरमानों पर फिर गया पानी! श्रद्धा और सबूरी में बसती है साईं भक्ति, लक्ष्मी दे ने व्रत पूरा होने पर श्रद्धालुओं के बीच बांटा प्... 21 साल के रौनक राज ने पेश की मिसाल, बोले—‘हमारा खून किसी की जान बचाने के काम आएगा, यही सबसे बड़ी खुश...

दुमका : दुर्गा पूजा में वार्ड 15 की सफाई व्यवस्था ठप, घरों में सड़ रहा कचरा; दुर्गंध से लोग बेहाल

0 95

ठेला खराब होने और भुगतान नहीं मिलने का हवाला, नगर परिषद की व्यवस्था पर उठे सवाल

दुमका। त्योहारों के अवसर पर जहां शहर को स्वच्छ रखने के लिए विशेष सफाई व्यवस्था की जरूरत होती है, वहीं दुमका नगर परिषद के वार्ड संख्या 15 में घर-घर से कूड़ा-कचरा उठाने की सेवा पिछले चार-पांच दिनों से बंद है। इसका खामियाजा वार्ड के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। घरों में कचरा जमा होने और उससे निकलने वाली दुर्गंध के कारण लोग परेशान हैं। दुर्गा पूजा जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दौरान सफाई व्यवस्था की इस बदहाली ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वार्ड संख्या 15 में नगर परिषद की ओर से वार्ड पार्षद के सहयोग से सीटी बजाकर घर-घर से कूड़ा-कचरा उठाया जाता है। लेकिन पिछले चार-पांच दिनों से यह सेवा बंद रहने के कारण घरों में कचरे का ढेर जमा हो गया है। स्थिति यह है कि लोगों को घरों के भीतर ही कचरा रखने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। लगातार कचरा जमा होने से दुर्गंध फैल रही है और लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है।

समस्या से परेशान कुछ लोग अपना कचरा खुद लेकर बाहर फेंकने जा रहे हैं। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए ऐसा करना संभव नहीं है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और उन लोगों के लिए यह व्यवस्था अतिरिक्त परेशानी का कारण बन गई है, जो स्वयं कचरा बाहर ले जाने में असमर्थ हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि घर-घर से कचरा संग्रह करने की जिम्मेदारी मिलने के बावजूद त्योहार के समय लोगों को इस तरह परेशानी क्यों झेलनी पड़ रही है?

ठेला ठीक, फिर भी नहीं शुरू हुई सेवा

इस संबंध में वार्ड पार्षद सीमा देवी और उनके पति समाजसेवी संतोष सिंह भादोड़िया ने बताया कि कचरा उठाने वाला ठेला खराब हो गया था, जिसे मरम्मत के लिए दिया गया था। उनके अनुसार, ठेला अब ठीक हो चुका है, लेकिन नगर परिषद की ओर से मरम्मत के बिल का भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान मिलने के बाद ठेला वापस आएगा और कचरा उठाने की सेवा फिर से शुरू हो जाएगी।

वार्ड पार्षद ने वार्ड में उत्पन्न समस्या के लिए नगर परिषद की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यह भी कहा कि नगर परिषद की ओर से वेतन का भुगतान नहीं किए जाने के कारण वार्ड को उपलब्ध कराए गए आधे सफाईकर्मी भी काम पर नहीं आ रहे हैं। इससे सफाई व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो रही है।

जिम्मेदारी से कौन बच रहा है?

नगर परिषद और वार्ड स्तर की व्यवस्था के बीच भुगतान तथा कर्मचारियों की समस्या का खामियाजा आखिर आम नागरिक क्यों भुगतें? ठेला खराब होने, मरम्मत के बिल का भुगतान लंबित रहने या सफाईकर्मियों के वेतन का भुगतान नहीं होने जैसी समस्याओं का समाधान संबंधित विभाग और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को निकालना चाहिए। इन कारणों से नागरिकों की बुनियादी सफाई सेवा को कई दिनों तक बाधित रखना किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

दुर्गा पूजा के अवसर पर स्वच्छता की अनदेखी केवल असुविधा का मामला नहीं है, बल्कि इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और आसपास के वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। नगर परिषद को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी एक ठेले के खराब होने या भुगतान संबंधी विवाद के कारण पूरे वार्ड की सफाई व्यवस्था ठप न पड़े। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक वाहन और सफाईकर्मियों की व्यवस्था की जानी चाहिए।

तत्काल सेवा बहाल करने की मांग

वार्ड संख्या 15 के लोगों को अब आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल राहत की जरूरत है। नगर परिषद के संबंधित पदाधिकारियों और वार्ड पार्षद को आपसी समन्वय से घर-घर कूड़ा उठाने की सेवा अविलंब शुरू करानी चाहिए। साथ ही, घरों में जमा कचरे का तत्काल उठाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को दुर्गंध और गंदगी से राहत मिल सके। गौरतलब है कि यदि शिकायत के बावजूद सफाई सेवा बहाल नहीं होती है, तो प्रभावित नागरिक जिला प्रशासन और संबंधित स्वच्छता अधिकारियों के समक्ष लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग कर सकते हैं। सार्वजनिक स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़े नियमों के तहत संबंधित अधिकारियों से उनकी जिम्मेदारी के निर्वहन की मांग भी की जा सकती है।

अब देखना यह है कि नगर परिषद के पदाधिकारी और वार्ड पार्षद इस समस्या को गंभीरता से लेकर वार्ड 15 के लोगों को राहत दिलाते हैं या फिर त्योहार के दौरान भी नागरिकों को अपने घरों में जमा कचरे और दुर्गंध के बीच रहने को मजबूर होना पड़ता है। #####  webakhbar.com

Leave A Reply

Your email address will not be published.