समस्त प्राणियों के कल्याण की मंगल कामना के साथ संपन्न हुआ श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ सह श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ
दुमका। झारखंड की उपराजधानी दुमका शहर के के बड़ा बांध स्थित डॉ.राजेन्द्र प्रसाद स्मारक स्थल पर आयोजित सात दिवसीय श्री श्री 1008 लक्ष्मी नारायण यज्ञ सह श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ रविवार को समस्त प्राणियों के कल्याण की मंगल कामना के साथ संपन्न हो गया। परमहंस स्वामी आगमानंद महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित इस महायज्ञ की पूर्णाहुति के बाद श्रद्धा और उल्लास के साथ कलश विसर्जन किया गया। इस अवसर पर पंडित अनीश कुमार पांडेय के नेतृत्व में विसर्जन शोभा यात्रा निकाली गई।
इस शोभा यात्रा का मुख्य आकर्षण वे 11 कन्याएं थीं, जो सिर पर मंगल कलश धारण कर सबसे आगे चल रही थीं। उनके पीछे बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु यज्ञशाला से कलश लेकर चल रही थीं। पूरा वातावरण ‘लक्ष्मी नारायण’ के जयकारों से गुंजायमान रहा। कलश विसर्जन से पूर्व शहर के बड़ा बांध के किनारे सभी कलशों को स्थापित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच विशेष महाआरती की गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में भक्त शामिल हुए। महाआरती के पश्चात पूर्ण विधि विधान के साथ कलशों और देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

आयोजन समिति ने जताया आभार
दुमका में पहली बार आयोजित इस भव्य लक्ष्मीनारायण महायज्ञ सह श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ की सफलता पर आयोजन समिति के प्रमुख सदस्यों में से अरविन्द वर्मा, महेन्द्र प्रसाद साह, उमा शंकर चौबे, कौशल किशोर पांडेय, अनिल तिवारी, शिव कुमार गुप्ता, किशोर लायक, माधव चंद्र शुक्ला, प्रियब्रत तिवारी सहित अन्य सदस्यों ने यज्ञ को सफल बनाने में दिन-रात जुटे सभी सक्रिय कार्यकर्ताओं के नि:स्वार्थ सेवा भाव की सराहना की और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले समस्त दुमका वासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति के सदस्यों ने कहा कि इस सामूहिक सहयोग और भक्तिपूर्ण आयोजन से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होगा।
