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एसआरएम यूनिवर्सिटी के राष्ट्रीय स्तर के शोध कार्यक्रम में दुमका के अशोक सिंह देंगे व्याख्यान

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दुमका। दुमका के जाने-माने कवि, लेखक एवं राष्ट्रीय स्तर के स्वतंत्र पत्रकार तथा जनमत शोध संस्थान के सचिव अशोक सिंह को दक्षिण भारत के तमिलनाडु स्थित प्रतिष्ठित एसआरएम यूनिवर्सिटी के हिन्दी विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह दुमका के साहित्यिक एवं शोध जगत के लिए गौरव की बात है। एसआरएम यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड बिजनेस स्टडीज, एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, कट्टनकुलथुर, तमिलनाडु के हिन्दी विभाग की ओर से शोधार्थियों के लिए 1 से 7 सितंबर 2026 तक सात दिवसीय ऑनलाइन शॉर्ट टर्म कोर्स के तहत व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का प्रमुख विषय “लोक साहित्य में शोध की संभावनाएं, परम्पराएं एवं प्रासंगिकता” रखा गया है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विषय विशेषज्ञ इस दौरान शोधार्थियों को लोक साहित्य के विविध पक्षों, शोध की संभावनाओं तथा अध्ययन की नई दिशाओं से अवगत कराएंगे। इसी क्रम में 4 सितंबर को दुमका के अशोक सिंह अपना व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। वे शोधार्थियों के साथ लोक साहित्य की परम्परा, उसकी सामाजिक-सांस्कृतिक प्रासंगिकता तथा उसमें शोध की संभावनाओं पर अपने विचार साझा करेंगे। साथ ही संबंधित विषय पर शोध-अध्ययन कर रहे शोधार्थियों को मार्गदर्शन भी देंगे। श्री सिंह साहित्य और पत्रकारिता दोनों क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय हैं। कवि एवं लेखक के रूप में उनकी साहित्यिक सक्रियता के साथ-साथ स्वतंत्र पत्रकार के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान रही है। शोध और साहित्य के प्रति उनकी निरंतर रुचि तथा लोक सरोकारों से जुड़ाव ने उन्हें इस महत्वपूर्ण अकादमिक कार्यक्रम के लिए एक उपयुक्त विशेषज्ञ वक्ता के रूप में पहचान दिलाई है। एसआरएम यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के इस स्तरीय कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में आमंत्रित किए जाने पर दुमका के साहित्यिक एवं बौद्धिक जगत में भी प्रसन्नता है। अपने अनुभव साझा करने को लेकर श्री सिंह का कहना है कि वे इस कार्यक्रम से जुड़कर शोधार्थियों को कितना दे पाएंगे, यह तो वे नहीं जानते, लेकिन इतने महत्वपूर्ण अकादमिक आयोजन का हिस्सा बनकर स्वयं भी बहुत कुछ सीखने की उम्मीद रखते हैं। दुमका से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के साहित्यिक और अकादमिक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले अशोक सिंह का यह आमंत्रण जिले की साहित्यिक प्रतिभाओं के लिए भी प्रेरणादायी माना जा रहा है। #####

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