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राष्ट्रसेवा की भावना को समाज तक पहुंचाने वाले पूर्व सैनिक दीपक सिंह का आभार, रक्तदान को भी बताया राष्ट्रसेवा का माध्यम

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इस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दुमका में तिरंगा फहराने के बाद संताल परगना पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष एवं पूर्व सैनिक दीपक सिंह ने अपने संबोधन में राष्ट्रसेवा को लेकर जो विचार रखे, वे आज के समय में बेहद प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित में योगदान केवल सीमा पर रहकर ही नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करके भी किया जा सकता है। श्री सिंह की यह बात केवल एक संबोधन का हिस्सा नहीं, बल्कि उनके अपने जीवन और सेवा-भावना का अनुभव है। उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय देश की सीमाओं की सुरक्षा में लगाया और सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी राष्ट्रसेवा की भावना को अपने जीवन से अलग नहीं होने दिया। आज वे समाज के बीच रहकर लोगों को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। webakhbar.com पूर्व सैनिक श्री सिंह के इस विचार और सामाजिक सरोकार के लिए उनका विशेष रूप से धन्यवाद ज्ञापित करता है। उनका यह संदेश उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो अपने-अपने क्षेत्र में रहते हुए देश और समाज के लिए कुछ सार्थक करना चाहते हैं।

राष्ट्रसेवा का यही भाव रक्तदान की मुहिम से भी सीधे जुड़ता है। सीमा पर सैनिक अपने प्राणों की परवाह किए बिना देशवासियों की रक्षा करते हैं, वहीं एक रक्तदाता अपना रक्त देकर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को जीवन की उम्मीद देता है। किसी अनजान व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए स्वेच्छा से रक्तदान करना भी मानवता और राष्ट्रसेवा का एक महत्वपूर्ण रूप है।

इसी सोच के साथ मानव सूचना संग्रह सह प्रसार केन्द्र दुमका और webakhbar.com द्वारा रक्तदान को जन अभियान बनाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। इस मुहिम का उद्देश्य केवल रक्त उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज में यह भावना पैदा करना है कि हम सभी अपने सामर्थ्य के अनुसार राष्ट्र और मानवता की सेवा कर सकते हैं।

गौरतलब है कि 19 जुलाई 2026 को मानव सूचना संग्रह सह प्रसार केन्द्र दुमका के द्वारा रक्तवीर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर स्थानीय 63 रक्तदाताओं को मुख्य अतिथि माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधांशु शेखर शशि एवं विशिष्ट अतिथि एसडीजेएम सह विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट मोहित चौधरी व अन्य अतिथियों के हाथों रक्तवीर सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन लोगों के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक था, जिन्होंने जरूरत के समय अपना रक्त देकर किसी के जीवन को बचाने में योगदान दिया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में भी पूर्व सैनिक श्री सिंह का सहयोग मानव सूचना संग्रह सह प्रसार केन्द्र दुमका को प्राप्त हुआ। उनके सहयोग और सामाजिक सरोकार ने इस अभियान को और मजबूती प्रदान की। यह सहयोग इस बात का उदाहरण है कि राष्ट्रसेवा की भावना अलग-अलग माध्यमों से समाज को जोड़ सकती है।

सीमा पर देश की रक्षा करने वाला सैनिक हो या अस्पताल में किसी अनजान जरूरतमंद के लिए रक्तदान करने वाला रक्तवीर—दोनों के कार्यों के पीछे मूल भावना सेवा की ही है। एक अपने साहस से देश की रक्षा करता है और दूसरा अपने रक्त से किसी की जीवन की रक्षा करता है।

इस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मानव सूचना संग्रह सह प्रसार केन्द्र दुमका और webakhbar.com की ओर से पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष दीपक सिंह का हृदय से धन्यवाद एवं अभिनंदन। राष्ट्रसेवा के व्यापक अर्थ को समाज के सामने रखने और रक्तदान जैसे मानवीय अभियान को अपना सहयोग देने के लिए हम उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं।

श्री सिंह जैसे पूर्व सैनिक समाज की प्रेरणा हैं—जिन्होंने सीमा पर राष्ट्र की रक्षा की और आज समाज के बीच राष्ट्रसेवा की भावना को जीवित रखने का कार्य कर रहे हैं।

रक्तदान भी राष्ट्रसेवा है। आइए, हम अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाएं और किसी जरूरतमंद के जीवन की उम्मीद बनें। #####

✍️ रवि कान्त सुमन

webakhbar.com

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