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भाजपा के सामूहिक गायन कार्यक्रम से उपराजधानी दुमका में गूंजा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्, लहराया तिरंगा

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दुमका। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के द्वारा झारखंड की उपराजधानी दुमका के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ.अंजुला मुर्मू के नेतृत्व में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में विभिन्न संगठन से जुड़े लोग, छात्र-छात्राओं एवं पार्टी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व सांसद अभयकांत प्रसाद ने कहा कि सन् 1923 में जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन चल रहा था, तब तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद अली ने वंदे मातरम् के गायन का विरोध किया। उन्होंने यह तर्क दिया कि इस्लाम में संगीत की कोई धार्मिक मान्यता नहीं है, इसलिए वे इस गीत का समर्थन नहीं कर सकते। उनके विरोध के बाद अधिवेशन में वंदे मातरम् गीत को पूर्ण रूप से नहीं गाया गया, बल्कि इसकी कुछ पंक्तियों को हटाकर सीमित रूप में प्रस्तुत किया गया। बाद में सन् 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसके तहत यह तय किया गया कि वंदे मातरम् गीत की केवल पहली चार पंक्तियां ही आधिकारिक रूप से गाई जायेगी और बाकी अंशों को हटा दिया जायेगा। यह प्रसंग इस बात का साक्षी है कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक विचारधारा, एक भावना और एक ऐसी शक्ति है जिसने भारत की आत्मा को स्वर दिया। विरोध और कटौती के बावजूद यह गीत आज भी भारत की राष्ट्रभक्ति का सबसे सशक्त प्रतीक बना हुआ है। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश मुर्मू ने ने कहा कि “वंदे मातरम” केवल एक गीत नहीं, बल्कि वह संकल्प था जिसने भारत की आज़ादी के मतवालों की नस-नस में जोश और देशभक्ति का संचार किया। स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में “वंदे मातरम” और “भारत माता की जय” के जयघोष ने देशभक्तों में ऐसी ऊर्जा और साहस भर दिया था कि वे मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सर्वस्व बलिदान को तत्पर हो उठते थे। डॉ.अंजुला मुर्मू ने कहा कि वंदे मातरम् का प्रत्येक शब्द मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और समर्पण का भाव जगाता है। इस गीत के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की जो भावना जागृत होती है, वही हमें सच्चे अर्थों में भारतीय बनाती है। जिला अध्यक्ष गौरवकांत ने कहा कि वंदे मातरम् हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, सांस्कृतिक एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है। भारतीय जनता पार्टी इस गौरवशाली परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है। जिला अध्यक्ष गौरव कांत के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं को वंदे मातरम् गीत के इतिहास और उसके राष्ट्रीय महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया गया। जिला मीडिया सह प्रभारी नवल किस्कू के अनुसार धर्मेंद्र सिंह बिट्टू के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश मंत्री रविकांत मिश्रा, कार्यक्रम प्रभारी पवन केशरी, कार्यक्रम के सह संयोजक मार्शल ऋषिराज टुडू, नीतू झा सहित प्रो.अनुज आर्या, विवेकानंद राय,श्रीधर दास, दिनेश सिंह, अजय गुप्ता, मृणाल मिश्रा, ऋषिकेश गुप्ता, अमन राज, रामकृष्ण हेंब्रम, मुरलीधर मंडल, अजय सिंह, अभिजीत सुमन, गायत्री जायसवाल, प्रधानाचार्य कुमार विमलेश, रमाकांत मौर्य, विकाश मिश्रा, आलोक रंजन, अभिषेक कुमार, प्रदीप कुमार, अमर कुमार, संतोष कुमार, श्वेता सिंह, कविता कुमारी, अंजनी कुमारी, प्रिया कुमारी, प्रीति कुमारी, अरविंद दुबे, चैताली कुमारी, जगतनारायण राय, श्याम साह, राजेश यादव, धनश्याम पंडित, संतोष साह, सुबोध मंडल, कुंदन देवी, जयश्री देवी, बैद्यनाथ भंडारी आदि मुख्य रूप से शामिल थे।

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