लक्ष्मीनारायण यज्ञ में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, बाल गोपाल की झलक पाने को उमड़े श्रद्धालु
दुमका। दुमका शहर के बड़ा बांध स्थित डॉ.राजेंद्र प्रसाद स्मारक स्थल पर आयोजित लक्ष्मीनारायण यज्ञ सह श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के चौथे दिन बुधवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। श्रीमज्जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री रामचंद्राचार्य जी महाराज (परमहंस स्वामी श्री आगमानंद जी महाराज) के सानिध्य में चल रहे इस दिव्य आयोजन में जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। उत्सव का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब वासुदेव जी के स्वरूप में बाल गोपाल को बाँस की डलिया में सजाकर मुख्य मंच से पंडाल के बीच लाया गया। जैसे ही नन्हे कन्हैया श्रद्धालुओं के बीच पहुँचे, भक्तों का प्रेम और भक्ति उमड़ पड़ा। हर कोई अपने आराध्य की एक झलक पाने और उन पर फूल बरसाने को आतुर दिखे।। श्रद्धा और आनंद का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला कि कई भक्तों की आंखें खुशी से छलक उठीं।

नंदोत्सव और प्रसाद वितरण
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में नंदोत्सव मनाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने सोहर और बधाइयां गाकर नृत्य किया। कन्हैया के प्रिय माखन-मिश्री का विशेष भोग लगाया गया। वहीं प्रसाद स्वरूप खिलौने, फल और मिठाइयां वितरित की गई।
कथा व्यास स्वामी श्री रामचंद्राचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं।
अतिथियों का हुआ सम्मान
इस अवसर पर शिव शक्ति योगपीठ के स्वामी शिप्रा प्रेमानंद जी महाराज, पंडित प्रेम शंकर भारती, डॉ.दीपक मिश्रा और सुबोध दादा सहित अन्य अतिथियों को यज्ञ समिति की ओर से अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में गोड्डा, पाकुड़, रांची, भागलपुर, सहरसा और धनबाद सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज को पुष्पमाला अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया।
13 मार्च को होगा विशेष गुरूमुख दीक्षा कार्यक्रम
यज्ञ समिति के सदस्यों ने बताया कि 13 मार्च को परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के सानिध्य में विशेष गुरूमुख दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालु 12 मार्च को यज्ञ कार्यशाला में निःशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं। समिति के अध्यक्ष ने बताया कि स्वामी जी के दर्शन और कथा श्रवण के लिए दूर-दूर से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और प्रतिदिन यज्ञशाला की परिक्रमा व संध्या आरती के समय भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है।