दुमका। मयूराक्षी ग्रामीण काॅलेज, रानीश्वर के एनएसएस इकाई 2 के द्वारा सोमवार को सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ किया गया। 22 फरवरी तक चलने वाले इस विशेष शिविर का उद्घाटन काॅलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रो.नव कुमार पाल ने एनएसएस का झंडा फहराकर किया। उद्घाटन समारोह में काॅलेज के सचिव डाॅ.असीम कुमार लायक बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। जबकि काॅलेज के संस्थापक पूर्व प्राचार्य डाॅ.अब्दुल रईस खान, सिदो कान्हु मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की सचिव मीरा कुमारी, एनएसएस के पूर्व कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो.गजेंद्र कुमार सिंह, आईक्यूसी समन्वयक प्रो.आबिद राजा, प्राध्यापक डाॅ.हिमांशु कुमार सिंह, प्रो.अशोक कुमार राय, प्रो.प्रशांत पातर, प्रो.रियाजुद्दीन और प्रो.तलत नूर समारोह के विशिष्ट अतिथि थे। समारोह में एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डाॅ.स्वर्ण कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ व अंगवस्त्र प्रदान सम्मानित किया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डाॅ.लायक ने कहा कि एनएसएस का आदर्श वाक्य ‘‘नाॅट मी, बट यू’’ निःस्वार्थ सेवा, सामुदायिक विकास और लोकतांत्रिक जीवन के सार को दर्शाता है। एनएसएस का यह मोटो राष्ट्रीय संस्कृति का मूल है। उन्होंने कहा कि जब हम स्वयं से उठकर समाज के लिए सोचते हैं तभी सच्चे अर्थों में राष्ट्र सशक्त होता है।
काॅलेज के संस्थापक डाॅ.खान ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का यह सात दिवसीय विशेष शिविर छात्र-छात्राओं को स्वयं को आगे बढ़ाने, समाज को समझने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को पहचानने का अवसर प्रदान करता है। कार्यक्रम पदाधिकारी डाॅ.सिंह ने शिविर में भाग लेने वाले
एनएसएस स्वयंसेवकों से कहा कि हमने जिस गांव को गोद लिया है। उस गांव के लिए आप केवल छात्र नहीं, बल्कि परिवर्तन के दूत हैं। जब आप गांव जायेंगे तो लोग आप में अपने भविष्य की आशा देखेंगे। डाॅ.सिंह ने स्वयंसेवकों को अपनी वाणी में विनम्रता, व्यवहार में अनुशासन और कार्य में निष्ठा लाने की भी सीख दी। आइक्यूएसी समन्वयक प्रो.आबिद राजा ने अपने संबोधन में एनएसएस स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में मंच का संचालन काजल भट्टाचार्य एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो.गजेंद्र कुमार सिंह ने किया।
