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विश्व पर्यावरण दिवस विशेष : प्रकृति की रक्षा ही मानवता की सुरक्षा

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✍️ प्रो.हशमत अली
एम.एससी., पीएच.डी., एफआईएसईसी
पर्यावरणविद् एवं पूर्व संकायाध्यक्ष (विज्ञान)
सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका

प्रिय दोस्तों! आज 5 जून है, जो हमें विश्व पर्यावरण दिवस की याद दिलाता है, जिसे दुनिया भर में 100 से अधिक देशों द्वारा मनाया जाता है ताकि हम सभी के बीच अपने पर्यावरण के प्रति सावधान और सचेत रहने के लिए चेतना और जागरूकता लाई जा सके। इस अभियान की शुरुआत 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण संगठन का गठन करके की गई थी जिसे संक्षेप में यूएनईओ (UNEO) कहा जाता है जो हर साल इस उत्सव का आयोजन करता है।अंधाधुंध वनों की कटाई, जलवायु-मिट्टी प्रदूषण, हमारी विभिन्न गतिविधियों द्वारा क्लोरोफ्लोरोकार्बन का अत्यधिक उत्सर्जन आदि प्रमुख कारक हैं जिन्होंने हमारे पर्यावरण को बुरी तरह प्रभावित किया है, और आने वाले वर्षों में हमें जल्द ही अनसुनी पीड़ाओं के साथ इसके परिणामों का सामना करना पड़ेगा यदि हम अभी इसकी सुरक्षा का कड़ाई से पालन नहीं करते। इसकी स्पष्ट झलक हमें गत वर्षों में देखने को मिल चुकी है। गर्मी इतनी भीषण थी कि लोग त्राहिमाम करते नजर आए। अनेक लोगों की जान चली गई। पारा अपने अब तक के उच्चतम शिखर को छू रहा था। यह तापक्रम किसी स्थान पर पिछले 100 वर्षों का तो किसी स्थान पर 150 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ रहा था। दिल्ली में अधिकतम 50.8 डिग्री सेल्सियस तक तापक्रम पहुंच चुका था।

    पर्यावरण की रक्षा में लोगों की सक्रिय भागीदारी को देखने के लिए एवं सार्वजनिक सूचना प्राप्त करने के लिए हर साल यह कार्यक्रम रैलियों और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आयोजित किया जाता है।

 प्लास्टिक एक कार्बनिक बहुलक(Polymer) है जो जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं अथवा सूक्ष्मजीवों की गतिविधियों से विघटित नहीं होता है। प्लास्टिक एक कार्बनिक बहुलक(Polymer) है जो जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं अथवा सूक्ष्मजीवों की गतिविधियों से विघटित नहीं होता है। यह पर्यावरण के विनाश के लिए सशक्त कारण है। यद्यपि हमारी सरकार इसके उपयोग पर रोक लगाती रहती है लेकिन यह प्रभावी ढंग से अमल में नहीं लाया जाता।

       दोस्तो! पर्यावरण की सुरक्षा अब हमारा सर्वोपरि कर्तव्य बन गया है और हमें वनों एवं पर्यावरण के प्रति सच्चे अर्थों में मित्रवत व्यवहार करना होगा। साथ ही वनों की कटाई के स्थान पर वनीकरण हेतु सच्चे दिल से प्रयासरत होना होगा।

आशा है, हम सभी अपने जीवन को बचाने के लिए वनरोपण और अन्य विशिष्ट उपायों के प्रति ईमानदार रहेंगे।

आइए, इस विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सभी यह संकल्प लें कि पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएंगे और एक हरित, स्वच्छ एवं स्वस्थ भविष्य के निर्माण में सक्रिय योगदान देंगे।

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