बासुकिनाथ। श्रावणी मेला में लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के बीच कुछ खाद्य कारोबारी अब भी मिलावट और घटिया खाद्य सामग्री के कारोबार से बाज नहीं आ रहे हैं। श्रद्धालुओं की सेहत से खिलवाड़ का यह खेल रोकने के लिए जिला प्रशासन की खाद्य सुरक्षा टीम लगातार जांच अभियान चला रही है। बुधवार को एक बार फिर बड़ी मात्रा में मानक के अनुरूप नहीं पाए गए पेड़ा समेत अन्य खाद्य सामग्री पकड़ी गई। खाद्य सुरक्षा टीम ने गोदाम मोड़, काली मंदिर चौक से दुर्गा मंदिर रोड तक अभियान चलाकर पेड़ा दुकानों, भोजनालयों और रेस्तरां सहित कुल 26 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान चलित खाद्य जांच प्रयोगशाला के जरिए मौके पर ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की गई। टीम ने पेड़ा, हल्दी, सब्जी, दही, तेल, मिर्च पाउडर समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 62 नमूनों की जांच की। जांच में मानक के अनुरूप नहीं पाए गए खाद्य पदार्थों पर तत्काल कार्रवाई की गई। मौके पर ही 37 किलोग्राम पेड़ा, 14 किलोग्राम हल्दी, 26 लीटर तैयार दाल, 16 किलोग्राम तैयार सब्जी और 3 किलोग्राम मिश्रित मसाला नष्ट कराया गया। इसके अलावा संबंधित खाद्य कारोबारियों पर कुल 3,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। लगातार जांच के बावजूद बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री का मानक से नीचे पाया जाना मेला क्षेत्र में चल रहे खाद्य कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
श्रद्धालुओं की सेहत से खिलवाड़ पर प्रशासन सख्त
श्रावणी मेला में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बासुकिनाथ के दर्शन व जलार्पण के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों में मिलावट या घटिया सामग्री श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। खाद्य सुरक्षा टीम ने स्पष्ट किया कि मेला अवधि में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच का सिलसिला लगातार जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अंजना रानी मिंज, जरमुंडी थाना पुलिस बल, चलित खाद्य जांच प्रयोगशाला के कनिष्ठ विश्लेषक शुभम कुमार एवं प्रयोगशाला सहायक सुधांश कुमार शामिल थे।
#####
