गंभीर बीमारी से ठीक होने का अद्भूत है पंडित प्रदीप मिश्रा के द्वारा बताया गया कुंदकेश्वर महादेव का यह उपाय

इन दिनों मध्य प्रदेश के सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा के द्वारा श्री कुंदकेश्वर महादेव के नाम से शिवलिंग पर आंवला जल चढ़ाने की महिमा का खूब प्रचार-प्रसार हो रहा है। श्री शिव महापुराण की कथा सुनाने वाले पंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार रोग से मुक्ति के लिए और शरीर में जब बहुत ज्यादा कष्ट होने लगे तो कुंदकेश्वर महादेव का स्मरण करना चाहिए। श्री मिश्रा ने अपने प्रवचन में बताया है कि अगर कोई व्यक्ति किडनी, लीवर, कैंसर आदि गंभीर व बड़ी बीमारी से ग्रस्त है और वह ठीक नहीं हो पा रहा है तो उसके परिवार के किसी सदस्य को उसके नाम से श्री कुंदकेश्वर महादेव को आंवला मिश्रित जल चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से रोग समाप्त हो जाता है और व्यक्ति ठीक हो जाता है।
कुंदकेश्वर महादेव के नाम से शिवलिंग पर चढ़ाना है आंवला मिश्रित जल
पंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार किसी भी दिन अपने घर में स्थापित शिवलिंग या फिर किसी मंदिर में जाकर रात्रि के 9.15 बजे गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति का नाम लेकर शिवलिंग पर आंवला मिश्रित जल चढ़ाना है। जलार्पण के दौरान भगवान श्री कुंदकेश्वर महादेव से बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को ठीक करने की प्रार्थना करना है। ऐसा लगातार तीन दिन करना है। श्री मिश्रा के अनुसार कच्चा आंवला नहीं मिलने पर सूखा आंवला या फिर आंवले का पाउडर भी जल में मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाया जा सकता है। श्री मिश्रा के अनुसार ऐसा करने से श्री कुंदकेश्वर महादेव की कृपा से बीमार व्यक्ति ठीक हो जाता है।
दुमका के लोगों ने भी कहा वरदान है पंडित प्रदीप मिश्रा का यह उपाय
देश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ झारखंड की उपराजधानी दुमका शहर के कई लोगों ने भी कहा है कि पंडित प्रदीप मिश्रा के द्वारा बताया गया उक्त उपाय भगवान शिव का वरदान है। कई लोगों ने वेबअखबार डाॅट काॅम से अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा है कि सच्चे मन और पूरी निष्ठा के साथ कुंदकेश्वर महादेव का नाम लेकर शिवलिंग पर रात्रि के 9.15 बजे आंवला मिश्रित जल अर्पण करने से सच में गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति ठीक हो जाता है। संबंधित लोगों के अनुसार अगर कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी से ग्रसित है और वह ठीक नहीं हो रहा है तो इलाज कराने के साथ-साथ कुंदकेश्वर महादेव के नाम से शिवलिंग पर आंवला मिश्रित जल चढ़ाने का यह उपाय जरूर करना चाहिए।
(webakhbar.com)