दुमका। झारखंड की उपराजधानी दुमका शहर के बांधपाड़ा स्थित डॉ.राजेन्द्र प्रसाद स्मारक स्थल पर ‘कथा ज्ञान यज्ञ आयोजन समिति’ के तत्वावधान में आयोजित श्री श्री 1008 लक्ष्मीनारायण यज्ञ सह श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का रविवार को विधिवत और भव्य शुभारंभ हुआ। यह महायज्ञ श्रीमज्जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्रीरामचन्द्राचार्य जी महाराज (परमहंस स्वामी श्री आगमानन्द जी महाराज, श्री शिव शक्ति योगपीठ, नवगछिया) के पावन आशीर्वाद एवं सानिध्य में संपन्न हो रहा है। कार्यक्रम के प्रथम दिन मुख्य अतिथि प्रशिक्षु डीएसपी आकाश भारद्वाज ने दीप प्रज्वलित कर मंच का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान आचार्यों द्वारा स्वस्तिवाचन और मंगलाचरण किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी श्री आगमानन्द जी महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि मनुष्य के अंतःकरण की भी शुद्धि होती है। उन्होंने कहा कि भक्ति और ज्ञान का संगम ही जीवन को सफल बनाता है। इस अवसर पर स्वामी जीवनानंद जी महाराज, भानवानंद जी महाराज, कुन्दन बाबा, मनोरंजन प्रसाद एवं स्वामी तत्वानंद जी महाराज का भी सानिध्य और आशीर्वाद प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में कई गणमान्य लोगों को पुष्पमाला और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

सैकड़ों महिलाओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा
महायज्ञ के प्रथम दिन बड़ा बांध तट से सैकड़ों महिलाओं की भव्य कलश यात्रा निकाली गई। पीत वस्त्र धारण कर सिर पर मंगल कलश लिए महिला श्रद्धालुओं ने नगर के विभिन्न मार्गों से होकर शोभायात्रा निकाली। घोड़ा-बग्घी रथ पर सवार पूज्य गुरुदेव की उपस्थिति में निकली इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
राधे-राधे और जय श्रीमन्नारायण के जयकारे से गूंजी उपराजधानी
कलश यात्रा के दौरान बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ “राधे-राधे” और “जय श्रीमन्नारायण” के जयकारों से दुमका नगरी गूंज उठी। नगरवासियों ने अपने घरों और छतों से पुष्प वर्षा कर कलश यात्रियों का भव्य स्वागत किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
समिति के अनुसार यह महायज्ञ 14 मार्च तक चलेगा। प्रतिदिन प्रातः 7:00 से 12:00 बजे तक वेदी पूजन एवं हवन तथा सायं 3:00 से 7:00 बजे तक स्वामी जी के मुखारविंद से संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा।