दुमका। जिले में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध जमाखोरी और ऊंचे दामों पर बिक्री पर सख्त रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर नकेल कसने और वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय टीमों का गठन किया गया है। प्रखंड स्तर पर गठित टीम में संबंधित अंचल अधिकारी एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को शामिल किया गया है। वहीं जिला स्तरीय टीम
में अभिषेक कुमार दीप (कार्यपालक दंडाधिकारी, दुमका), अंचल अधिकारी दुमका सदर और शितांशु खालखो (कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद दुमका) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन ने टीमों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी एलपीजी वितरकों और डीलरों का 24 घंटे के भीतर स्टॉक ऑडिट किया जाए, जिसमें वर्तमान स्टॉक, प्राप्ति और बिक्री का पूरा हिसाब लिया जाएगा। साथ ही सभी वितरकों को प्रतिदिन ई-रिपोर्ट के जरिए सिलेंडरों की स्थिति बतानी होगी। बिना अनुमति थोक में सिलेंडर की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी और घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग भी नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन की टीम सूचना के आधार पर अवैध भंडारण स्थलों और संदिग्ध गोदामों पर औचक छापेमारी करेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कालाबाजारी,
जमाखोरी और ऊंचे दामों पर बिक्री करने वालों के खिलाफ आवश्यक सेवा संधारण अधिनियम और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बुकिंग से बचें, क्योंकि जिले में घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। शिकायतों के लिए जल्द ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा। जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे सभी कार्रवाई की दैनिक निगरानी करें, जबकि अनुमंडल पदाधिकारी को पूरे अभियान का सतत पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
