हरे कृष्ण महामंत्र के जाप से आत्मा की शुद्धि के साथ समस्त बुराईयों का होता हैं अंत : स्वामी सत्यबाक प्रभु
दुमका। इस्कॉन केंद्र दुमका में साप्ताहिक कार्यक्रम के तहत रविवार को भक्तिवृक्ष कक्षा का आयोजन किया गया। इस कक्षा का उद्देश्य भक्तों को श्री कृष्ण भावनामृत के विषय में शिक्षित करना है। कक्षा की शुरुआत कीर्तन से हुई, जिससे संपूर्ण वातावरण दिव्य और भक्तिमय हो गया। आज की कक्षा में चैतन्य महाप्रभु के प्रसिद्ध अष्टक श्लोकों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही हरे कृष्ण महामंत्र (हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे) के भावार्थ को समझाया गया, जिससे आत्मा की शुद्धि होती है और समस्त बुराइयों का अंत होता है। स्वामी सत्यबाक गुरुदास प्रभु ने अपने प्रवचन में “नित्य सेवा” के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी के लिए कोई भी भक्त मासिक आधार पर अपनी सेवा अर्पित कर सकता है। यह सेवा धन, राशन अथवा शारीरिक श्रम किसी भी रूप में हो सकती है। इस्कॉन मंदिर में कोई भी भक्त आकर अपनी सेवाएं अर्पित कर सकता है। उन्होंने बताया कि 16 अगस्त को इस्कॉन दुमका में बड़े ही धूमधाम के साथ जन्माष्टमी मनाया जाएगा, जिसकी तैयारी जोरों पर चल रही हैं। स्वामी सत्यबाक प्रभु ने दुमका के सभी नागरिकों को इस पावन अवसर पर आकर सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। (webakhbar.com)
