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राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर बोले पर्यावरणविद् डाॅ.रणजीत कुमार सिंह, पर्यावरण संरक्षण में सभी को निभानी होगी अपनी भूमिका

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राजमहल। माॅडल काॅलेज राजमहल में मंगलवार को एनएसएस इकाई एक और दो के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया गया। कार्यक्रम को बतौर अध्यक्ष संबोधित करते हुए पर्यावरणविद् प्राचार्य डाॅ.रणजीत कुमार सिंह ने प्रदूषण के बढ़ते खतरों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज और सुरक्षित भविष्य के लिए प्रदूषण नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण में अपनी व्यक्तिगत भूमिका निभानी चाहिए। डाॅ.सिंह ने कहा कि हर साल 2 दिसम्बर को प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों में प्रदूषण के प्रति जागरूकता फैलाना और यह समझाना है कि प्रदूषण किस तरह मानव जीवन, पर्यावरण और पृथ्वी के संतुलन को प्रभावित करता है। यह दिन विशेष रूप से 1984 के भोपाल गैस त्रासदी में मारे गए हजारों लोगों की स्मृति को समर्पित है, जो हमें यह याद दिलाता है कि औद्योगिक लापरवाही और पर्यावरण संरक्षण की अनदेखी कितनी बड़ी आपदा का कारण बन सकती है। आज प्रदूषण मानवता के सामने खड़ी सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है। वायु प्रदूषण से सांस की बीमारियां, जल प्रदूषण से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और भूमि प्रदूषण से फसलों की गुणवत्ता प्रभावित होती है। ध्वनि प्रदूषण मानसिक तनाव का कारण बनता है। जबकि नदियों व तालाबों में फैलता रासायनिक कचरा जल जीवों को नष्ट कर देता है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण दिवस हमें चेतावनी देता है कि यदि अभी भी हम सचेत नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियां एक असुरक्षित और अस्वस्थ दुनिया में जीवन जीने को मजबूर होंगी। पर्यावरणविद् प्राचार्य डाॅ.सिंह ने कहा कि सरकार कड़े पर्यावरणीय कानून बनाकर व उद्योगों पर निगरानी बढ़ाकर प्रदूषण रोकने का प्रयास करती हैं। लेकिन वास्तविक सफलता तभी मिल सकती है जब आम नागरिक भी अपनी भूमिका समझें। उन्होंने कहा कि हम प्लास्टिक का कम उपयोग, पौधरोपण, पानी और बिजली की बचत, वाहन का कम प्रयोग कर भी प्रदूषण नियंत्रण में अपनी , भूमिका निभा सकते है। कार्यक्रम के अंत में एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डाॅ.अमित कुमार ने छात्र-छात्राओं को प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जागरूकता की शपथ दिलायी। इसके बाद काॅलेज परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया।
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