दुमका में श्रद्धा व भव्यता के साथ मनाया गया प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का 57वां स्मृति दिवस
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दुमका। ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, दुमका शाखा के द्वारा रविवार को यहां नगरपालिका चौक के नजदीक स्थित ओम शांति भवन में प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का 57वां स्मृति दिवस अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फूलों झानो मेडिकल कॉलेज, दुमका के प्राचार्य डॉ.गजेन्द्र कुमार सिंह एवं सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी मनोज कुमार शामिल हुए। जबकि कार्यक्रम में नगर परिषद् की पूर्व अध्यक्ष अमिता रक्षित, दुमका के वरीय पत्रकार डाॅ.राज कुमार उपाध्याय, सिविल सोसायटी, दुमका के राधेश्याम वर्मा, प्रेम केशरी, संदीप कुमार जय बमबम, डॉ.पीयूष रंजन, रामानंद मिश्र, अहिल्या मिश्र, कुंदन झा, राजेश अग्रवाल और लेफ्टिनेंट सुमिता सिंह बतौर विशिष्ट शामिल हुई। स्मृति दिवस समारोह का शुभारंभ दैनिक मुरली क्लास से हुआ। इसके बाद प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। अतिथियों का स्वागत संस्था की संयोजिका ब्रह्मा कुमारी राजयोगिनी जयमाला दीदी ने अंगवस्त्र प्रदान कर एवं तिलक लगाकर किया। अपने संबोधन में अतिथियों ने ब्रह्मा कुमारी संस्था द्वारा विश्व शांति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की
सराहना की। उन्होंने कहा कि दुमका जैसे शहर में प्रतिदिन सौ से अधिक ब्रह्मा कुमार व कुमारियों का साधना में संलग्न रहना यह दर्शाता है कि बीके जयमाला दीदी के नेतृत्व में बाबा के संदेशों पर जन-जन का विश्वास सुदृढ़ हुआ है और दुमका शांति व सकारात्मकता की दिशा में अग्रसर है। इस अवसर पर बीके जयमाला दीदी ने प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बाबा का लौकिक नाम लेखनाथ कृपलानी था, जिनका जन्म 15 दिसम्बर 1876 को हुआ। उनकी तपस्या, संयम और पुरुषार्थ के परिणामस्वरूप आज ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय 140 से अधिक देशों में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि यह संस्था विश्व की एकमात्र ऐसी आध्यात्मिक संस्था है जो महिलाओं के द्वारा संचालित है। वर्ष 1951 से इसका मुख्यालय माउंट आबू, राजस्थान में स्थित है। कार्यक्रम की सफलता में बीके रेखा, बीके बंटी अग्रवाल, राजू अग्रवाल और अर्जुन हरनानी का सराहनीय योगदान रहा।




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