दिल्ली में 22 और 23 फरवरी को होगा एआई और मानवीय मूल्यों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, 800 से अधिक वैश्विक शिक्षाविद् जुटेंगे, ‘एकात्म मानव दर्शन’ पर होगा मंथन
नई दिल्ली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेजी से विस्तार और उसके सामाजिक प्रभावों के बीच मानवीय मूल्यों को संरक्षित रखने पर केंद्रित एक भव्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 22 और 23 फरवरी को राजधानी दिल्ली में किया जा रहा है। यह दो दिवसीय संगोष्ठी जनपथ स्थित प्रतिष्ठित डॉ.अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित होगी। इस सम्मेलन का आयोजन अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, शैक्षिक फाउंडेशन तथा दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
सम्मेलन का मुख्य विषय है :
“डिजिटल समाज और मानवीय मूल्य : कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के युग में एकात्म मानव दर्शन की प्रासंगिकता।”
800 से अधिक विशेषज्ञों की भागीदारी
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो.नारायण लाल गुप्ता के अनुसार, सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों से 800 से अधिक शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और नीति-निर्माता हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के दौरान एआई, समाज और नैतिकता से जुड़े सैकड़ों शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
इन विषयों पर होगा विशेष विमर्श
दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी और वैचारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रमुख रूप से इन विषयों पर चर्चा होगी :
डीपफेक और उसके सामाजिक प्रभाव
डिजिटल नैतिकता और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था में मानवीय मूल्यों का समावेश
उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री होंगे मुख्य अतिथि
22 फरवरी को होने वाले उद्घाटन सत्र में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद (वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल, संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, महासचिव प्रो.गीता भट्ट तथा दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज के प्राचार्य प्रो. हेमचंद जैन सहित कई प्रतिष्ठित शिक्षाविद् अपने विचार साझा करेंगे।
डिजिटल युग के लिए तैयार होगा वैश्विक रोडमैप
आयोजकों का मानना है कि यह सम्मेलन डिजिटल युग में तकनीकी प्रगति और मानवीय मूल्यों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक वैश्विक रोडमैप तैयार करेगा।