मधु अली के भंडारे में जब गरीबों ने खिचड़ी के साथ चखा रसगुल्ला-जलेबी का स्वाद, चेहरों पर दिखी खुशी और दिल से निकली दुआएं
दुमका। सेवा का संकल्प जब जुनून बन जाता है, तो वह समाज के लिए प्रेरणा की मिसाल बन जाता है। दुमका के मधु अली खान पिछले पांच वर्षों से हर शनिवार गरीबों और जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन कराकर इसी मिसाल को जीवंत कर रहे हैं। शहर के बाबू वीर कुंवर सिंह चौक पर उनका यह सेवा अभियान लगातार जारी है। हर शनिवार यहां लगने वाला भोजन का भंडारा न केवल भूख मिटाता है, बल्कि जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान भी लाता है।
शनिवार को पितृपक्ष के अंतिम दिन और महालया के अवसर पर मधु अली खान ने अपने इस सेवा अभियान को विशेष रूप दिया। इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को खिचड़ी और अचार के साथ रसगुल्ला, जलेबी तथा दही भी खिलाया गया। स्वादिष्ट भोजन कर तृप्त हुए लोगों ने मधु अली को दिल से आशीर्वाद दिया। हर बार की तरह इस शनिवार भी बड़ी संख्या में लोग भोजन करने पहुंचे।
गरीब सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष मधु अली खान का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ भोजन उपलब्ध कराना है। पांच वर्षों से बिना किसी रुकावट के हर शनिवार इस अभियान को जारी रखना अपने आप में सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदना का उदाहरण है।
इस सेवा कार्य में आज मधु अली के साथ समिति के सचिव दिनेश मुर्मु, गौरव कुमार, सुनील कुमार, सावर बाबू, विक्रम दत्त, विक्की गुप्ता, संतोष रक्षित, पीयूष झा और टुनटुन सिंह ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने मिलकर जरूरतमंदों को भोजन परोसा और सेवा के इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दिया। गौरतलब है कि बाबू वीर कुंवर सिंह चौक पर प्रत्येक शनिवार दोपहर एक बजे से यह निःशुल्क भोजन सेवा शुरू होती है, जिसमें बड़ी संख्या में गरीब और जरूरतमंद लोग भोजन करते हैं।
भूखे को भोजन कराना ही सबसे बड़ी सेवा
आज के दौर में जब लोग अपनी व्यस्त जिंदगी में उलझे रहते हैं, ऐसे समय में मधु अली खान का पांच वर्षों से लगातार जरूरतमंदों के लिए समय निकालना समाज को एक सकारात्मक संदेश देता है। उनका यह प्रयास बताता है कि समाज में बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती; सेवा का भाव, निरंतरता और दूसरों के प्रति संवेदना भी बहुत मायने रखती है।
मधु अली खान और उनकी समिति की यह पहल दुमका में सामाजिक सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल है। जरूरतमंदों की थाली में भोजन और उनके चेहरे पर संतोष की मुस्कान लाने का यह अभियान मानवता और आपसी भाईचारे का संदेश दे रहा है। ##### webakhbar.com
