गांधी जयंती पर भी नहीं जागा सरैयाहाट प्रखंड प्रशासन, कार्यालय परिसर में गंदगी का अंबार और सूखा पड़ा पेयजल नल
✍️ सच्चिदानंद, सरैयाहाट
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वच्छता को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया था। गांधी जयंती के मौके पर देशभर में स्वच्छता अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन दुमका जिले के सरैयाहाट प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर की तस्वीरें सरकारी व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़े करती हैं। जिस परिसर में गांधी जयंती मनाने की चर्चा थी, उसी परिसर में जगह-जगह गंदगी, कूड़ा-कचरा और उगी घास नजर आई। इतना ही नहीं, परिसर में लगा पेयजल का नल भी महज शोपीस बना हुआ है।
गांधी जयंती के दिन ली गई तस्वीरों में कार्यालय परिसर की बदहाल स्थिति साफ दिखाई दे रही है। परिसर में बिछे पेवर ब्लॉक के बीच घास उग आई है और जगह-जगह प्लास्टिक की बोतलें, कागज, पत्ते तथा अन्य कचरा बिखरा पड़ा है। स्थिति ऐसी है कि स्वच्छता का संदेश देने वाले गांधी जयंती जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी परिसर साफ-सुथरा नहीं हो सका।
छत पर पानी की टंकी, नीचे सूखा पड़ा नल
कार्यालय परिसर में लोगों की सुविधा के लिए पेयजल का नल लगाया गया है। छत पर पानी की टंकी भी नजर आती है, लेकिन नल से पानी नहीं निकलता। यानी व्यवस्था मौजूद है, लेकिन उसका लाभ आम लोगों और कार्यालय आने वाले कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है। इससे यहां आने वाले ग्रामीणों एवं आम नागरिकों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नल के नीचे कचरा, परिसर में पसरी गंदगी
परिसर के अंदर की स्थिति भी चिंता पैदा करने वाली है। हाथ-मुंह धोने अथवा पानी के इस्तेमाल के लिए बनाए गए सिंक और उसके आसपास गंदगी जमा है। एक स्थान पर बड़ी मात्रा में कागज, प्लास्टिक, पैकेट और अन्य कचरा पड़ा हुआ दिखाई देता है। दीवारों और फर्श की स्थिति भी लंबे समय से नियमित साफ-सफाई नहीं होने का संकेत देती है।
गांधी जयंती भी नहीं बनी सफाई की प्रेरणा
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि गांधी जयंती जैसे दिन भी प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर की सफाई नहीं हो सकी, तो आम दिनों में परिसर की स्थिति कैसी रहती होगी। गांधी जी के लिए सच्ची श्रद्धांजलि केवल उनके चित्र पर माल्यार्पण या कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि उनके बताए स्वच्छता के रास्ते को व्यवहार में उतारना है।
प्रखंड कार्यालय आम लोगों के लिए प्रशासन का सबसे महत्वपूर्ण स्थानीय केंद्र होता है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने काम के सिलसिले में पहुंचते हैं। ऐसे स्थान पर स्वच्छता, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था होना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
प्रखंड विकास पदाधिकारी से सफाई और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरैयाहाट के प्रखंड विकास पदाधिकारी को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यालय परिसर की साफ-सफाई करानी चाहिए तथा खराब पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त कराना चाहिए। केवल गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता की बातें करने के बजाय पूरे वर्ष कार्यालय परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना जरूरी है।
गांधी जयंती पर सामने आई ये तस्वीरें प्रशासन के लिए आईना हैं। अब देखना यह है कि तस्वीरें सामने आने के बाद सरैयाहाट प्रखंड प्रशासन इस आईने में अपनी व्यवस्था की तस्वीर देखता है या फिर गंदगी का यह आलम यूं ही बना रहता है।
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