दुमका। दुमका इस्काॅन सेंटर में रविवार से श्री कृष्ण भक्ति वृक्ष कक्षा प्रारंभ की गयी। भक्ति वृक्ष कक्षा का आयोजन अब यहां प्रत्येक रविवार को दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक होगा। आज कार्यक्रम का आरंभ मधुर भजनों के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात स्वामी सत्यबाक गुरूदास प्रभु ने इस विशेष कक्षा के आयोजन के महत्व व उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भक्ति वृक्ष कक्षा का मुख्य उद्देश्य लोगों को कृष्ण भावनामृत के प्रति जागरूक करना है। ताकि वे अपने जीवन को आनंदमय और उद्देश्यपूर्ण बना सकें। उन्होंने सुंदर उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार जब एक वृक्ष लगाया जाता है तो उसकी जड़ों को जल से सींचा जाता है, उसी प्रकार इस कक्षा में हम भगवान श्रीकृष्ण रूपी जड़ को सींचते हैं और भक्तगण उस जल के समान हैं। जब वृक्ष पुष्पित-पल्लवित होता है तो अंततः उसमें फल आते हैं और उस फल का रस ही शुद्ध कृष्ण भावनामृत है, जो शाश्वत और परम आनंददायक है। इसके पश्चात प्रभुजी ने श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेशों पर प्रकाश डाला और सरल भाषा में जीवन में इसके महत्व को समझाया। भक्ति वृक्ष कक्षा के समापन पर उपस्थित सभी भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। यह जानकारी दुमका इस्काॅन सेंटर के सदस्य नवीन मिश्रा ने दी है। गौरतलब है कि इस्काॅन सेंटर दुमका शहर के शिवपहाड़, गिद्धनी पहाड़ी रोड स्थित राज पैलेस में संचालित है। जहां महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी के दर्शन पूजा और प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाले श्री कृष्ण भक्ति वृक्ष कक्षा में कोई भी श्रद्धालु शामिल हो सकते है।
