Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
पूर्व नगर परिषद् अध्यक्ष अमिता रक्षित ने यूपीएससी में 41वीं रैंक लाने वाली सुदीपा दत्ता को किया सम्म... दुमका प्रीमियर लीग सीजन 2 की तैयारी शुरू, 8 टीमों के साथ होगा भव्य आयोजन झारखंड की शान बनी दुमका की सुदीपा दत्ता, यूपीएससी में 41वीं रैंक से लहराया सफलता का परचम दुमका : रसिकपुर में सूखा कुआं बना खतरे का कारण, भरवाने की मांग दुमका में बाबा साहेब की प्रतिमा से छेड़छाड़ के विरोध में भीम आर्मी का प्रदर्शन दुमका इस्कॉन में गौर पूर्णिमा महोत्सव : फूलों की होली और हरिनाम की गूंज, सजा वृंदावन सा दिव्य धाम 22 फरवरी को दुमका के शिव सुंदरी रोड में हुई मारपीट घटना का मुख्य अभियुक्त मंटू ओझा गिरफ्तार फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ओंकार नाथ झा का निधन, पीडीएस जगत में शोक की लहर वृद्धाश्रम में खिला खुशियों का गुलाल, रोटी बैंक दुमका ने होली पर बांटा अपनापन और सम्मान होली मिलन समारोह में नवनिर्वाचित नप अध्यक्ष अभिषेक चौरसिया ने दिया सौहार्द, सहयोग और विकास का संदेश

बोलबम : जलार्पण को बासुकिनाथ आये बांका के दिव्यांग बम भरत राय ने की जिला प्रशासन की खूब प्रशंसा

0 489
बासुकिनाथ। राजकीय श्रावणी मेला 2025 में जलार्पण को आये दिव्यांग बम भरत कुमार राय ने दुमका जिला प्रशासन और यहां के पुलिस जवानों की खूब प्रशंसा की है। भरत बिहार राज्य के बांका जिला के धौरेया प्रखंड अंतर्गत किशनकोल गांव का रहने वाला है। भरत बाबा बासुकिनाथ को जलार्पण के लिए यहां सावन की तीसरी सोमवारी को पहुंचा था। तीसरी सोमवारी को लेकर आज बासुकिनाथ धाम में कांवरिया तीर्थयात्रियों एवं अन्य श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी, जिसे देखकर एक बार भरत को लगा कि वह बाबा को जलार्पण नहीं कर सकेगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं, जब वह जलार्पण के लिए आगे बढ़ा तो वहां उपस्थित पुलिस के जवानों ने उसकी खूब मदद की। भरत ने बताया कि पुलिस के एक जवान ने उसे गोद में उठा लिया, जिससे वह बड़ी आसानी से बाबा को जलार्पण कर सका। वेबअखबार डाॅट काॅम से बात करते हुए भरत ने बताया कि वह सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल ही अपने हाथ के सहारे चार-पांच साथियों के साथ बाबाधाम देवघर और बासुकिनाथ की यात्रा में निकला था। 15 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद उसके साथी उनसे बिछुड़ गये, इसलिए वे बस में सवार हो गये। बासुकिनाथ से पहले भरत ने बाबाधाम देवघर में जलार्पण किया था। शंकर राय का पुत्र भरत आगे चलकर शिक्षक बनना चाहता है। इसके लिए वह वर्तमान में डीएलएड कर रहा है। गौरतलब है कि बाबा बासुकिनाथ धाम आने वाले कांवरिया तीर्थयात्रियों एवं अन्य श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए यहां जिला प्रशासन व जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। यही वजह है कि यहां आने वाले भरत जैसे दिव्यांग बमों/श्रद्धालुओं को भी बाबा बासुकिनाथ को जलार्पण करने में कोई परेशानी नहीं हो रही है, जो सराहनीय है।
(कुलदीप कुमार की रिपोर्ट)

Leave A Reply

Your email address will not be published.