दुमका के विकास विद्यालय में बच्चों को रिपोर्ट कार्ड प्रदान करने की है अनोखी परंपरा
0 263
ग्रेजुएशन डे पर बच्चे गाउन, कैप व सैश पहनकर अपने शैक्षणिक वर्ष की सफलता का मनाते है उत्सव
दुमका। दुमका जिले में शिक्षा के क्षेत्र में विकास विद्यालय ने एक ऐसी अनोखी और प्रेरणादायक परंपरा स्थापित की है, जहां हर वर्ष अंतिम रिपोर्ट कार्ड वितरण को ग्रेजुएशन डे के रूप में मनाया जाता है। यह दुमका का एकमात्र विद्यालय है जहां नर्सरी से कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों को सम्मानपूर्ण और उत्सवपूर्ण तरीके से उनका वार्षिक रिपोर्ट कार्ड प्रदान
किया जाता है। पिछले वर्ष भी विद्यालय द्वारा ग्रेजुएशन डे का भव्य आयोजन किया गया था, जिसमें छोटे-छोटे विद्यार्थियों ने मंच पर ग्रेजुएशन कैप, गाउन और सैश पहनकर अपने शैक्षणिक वर्ष की सफलता का उत्सव मनाया। बच्चों को जब मंच से उनका अंतिम रिपोर्ट कार्ड सौंपा गया, तो उनमें आत्मविश्वास, गर्व और आगे बढ़ने का उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह क्षण अभिभावकों के लिए भी अत्यंत भावुक और यादगार रहा। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि शिक्षा केवल अंकों का मूल्यांकन नहीं है, बल्कि बच्चों के हर शैक्षणिक चरण को सम्मान देना भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ अंतिम रिपोर्ट कार्ड को ग्रेजुएशन डे के रूप में प्रदान करना विद्यालय की वार्षिक परंपरा बन चुकी है, जो बच्चों के मन में उपलब्धि की भावना और सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करती है। पिछले वर्षों में मिली सराहना
और सकारात्मक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए, विकास विद्यालय इस वर्ष भी उसी उत्साह और गरिमा के साथ ग्रेजुएशन डे मनाने की तैयारी कर रहा है, ताकि नर्सरी से कक्षा पांच तक के सभी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को यह विशेष अनुभव एक बार फिर मिल सके। विकास विद्यालय की यह पहल शिक्षा को उत्सव से जोड़ने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रही है। गौरतलब है कि विकास विद्यालय दुमका शहर के राखाबनी मुहल्ला में अवस्थित है।
किया जाता है। पिछले वर्ष भी विद्यालय द्वारा ग्रेजुएशन डे का भव्य आयोजन किया गया था, जिसमें छोटे-छोटे विद्यार्थियों ने मंच पर ग्रेजुएशन कैप, गाउन और सैश पहनकर अपने शैक्षणिक वर्ष की सफलता का उत्सव मनाया। बच्चों को जब मंच से उनका अंतिम रिपोर्ट कार्ड सौंपा गया, तो उनमें आत्मविश्वास, गर्व और आगे बढ़ने का उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह क्षण अभिभावकों के लिए भी अत्यंत भावुक और यादगार रहा। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि शिक्षा केवल अंकों का मूल्यांकन नहीं है, बल्कि बच्चों के हर शैक्षणिक चरण को सम्मान देना भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ अंतिम रिपोर्ट कार्ड को ग्रेजुएशन डे के रूप में प्रदान करना विद्यालय की वार्षिक परंपरा बन चुकी है, जो बच्चों के मन में उपलब्धि की भावना और सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करती है। पिछले वर्षों में मिली सराहना
और सकारात्मक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए, विकास विद्यालय इस वर्ष भी उसी उत्साह और गरिमा के साथ ग्रेजुएशन डे मनाने की तैयारी कर रहा है, ताकि नर्सरी से कक्षा पांच तक के सभी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को यह विशेष अनुभव एक बार फिर मिल सके। विकास विद्यालय की यह पहल शिक्षा को उत्सव से जोड़ने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रही है। गौरतलब है कि विकास विद्यालय दुमका शहर के राखाबनी मुहल्ला में अवस्थित है।








0 263