भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में दुमका में कैंडल मार्च, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर जताया आक्रोश
दुमका। बिहार में कथित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में रविवार को दुमका शहर में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। कैंडल मार्च स्थानीय पोखरा चौक से शुरू होकर टीन बाजार चौक तक पहुंचा, जहां यह सभा में तब्दील हो गया। सभा के दौरान लोगों ने भरत भूषण तिवारी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे पराक्रम शर्मा ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि इसमें शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग करते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच की भी बात कही। साथ ही, उन्होंने भरत भूषण तिवारी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। कैंडल मार्च में अच्छी संख्या में स्थानीय लोग शामिल थे, जिनमें तुषार मिश्रा, आनंद कश्यप मोंटी, अभिषेक सिंह मोनू, प्रदीप्त मुखर्जी, मनोज घोष, समीर झा, राकेश रंजन सिंह, डॉ.जितेंद्र झा, जयतेंद्र दुबे, हिमांशु दुबे, अनुभव ओझा, पिंटू चौधरी, बिपिन शर्मा, गौरव झा, राजकुमार केशरी, जितेंद्र ओझा, राहुल मिश्रा, शिवम दुबे, रौनक राज, कुश कुणाल, राजीव मिश्रा, कृष्णा गुप्ता, वीरेंद्र चंद्र गोराईं, अनूप दत्ता, आदित्य जोशी आदि के नाम प्रमुख है।
