Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
130 साल पुराना है गांदो का दुर्गा मंदिर, रानी शिवसुंदरी ने कराई थी स्थापना दुमका : दुर्गा पूजा में वार्ड 15 की सफाई व्यवस्था ठप, घरों में सड़ रहा कचरा; दुर्गंध से लोग बेहाल दुर्गा पूजा विसर्जन जुलूस में अश्लील गाने बजाने पर रोक लगाने की मांग, राष्ट्रीय बजरंग दल ने सौंपा ज्... माता-पिता के प्रति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सेवा और समर्पण भाव अनुकरणीय : डॉ.शम्स तबरेज़ खान मां दुर्गा के दर्शन के लिए खुले पूजा पंडालों के पट, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ माँ दुर्गा के बोधन अनुष्ठान के साथ सतन आश्रम में श्रद्धालुओं के लिए खुले मंदिर के पट हामर झारखंड रे’ गीत से दुमका की अनन्या सिन्हा ने बिखेरी झारखंड की लोकसंस्कृति की खुशबू, जल्द आएगा दु... बेथेल मिशन स्कूल में गरबा और डांडिया की धूम, पारंपरिक परिधानों में झूमे छात्र-छात्राएं दुमका में श्राद्ध के दौरान गाय को लेकर हुआ ऐसा गोलमाल कि पंडित जी के अरमानों पर फिर गया पानी! श्रद्धा और सबूरी में बसती है साईं भक्ति, लक्ष्मी दे ने व्रत पूरा होने पर श्रद्धालुओं के बीच बांटा प्...

उपराजधानी से नारद जी : सफाई मित्र पूछ रहे —वादा कब होगा पूरा?

0 193

नारायण-नारायण! प्रभु को मेरा प्रणाम!

प्रभु : आइए नारद जी, उपराजधानी से क्या समाचार लाए हैं?

नारद जी : प्रभु, समाचार तो कई हैं। नगर परिषद् इन दिनों चर्चा में है। कुछ लोग इसे बदलाव की शुरुआत कह रहे थे, लेकिन अब चर्चा इस बात की है कि शुरुआत आखिर होगी कब?

प्रभु : ऐसा क्या हो गया?

नारद जी : प्रभु, सफाई मित्रों ने चुनाव के समय एक सपना देखा था। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि जीतते ही उनका मानदेय 12 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दिया जाएगा। अब हाल यह है कि बढ़ोतरी की बात तो दूर, चार-चार माह का बकाया मानदेय भी नहीं मिल पाया है। सफाई मित्र कह रहे थे कि “प्रभु, 15 हजार बाद में मिल जाए, पहले चार महीने की मेहनत की कमाई ही मिल जाए तो बहुत है।”

प्रभु : अरे! फिर अध्यक्ष जी क्या कर रहे हैं?

नारद जी : प्रभु, शायद वादों की फाइल भी भुगतान वाली फाइल के नीचे दब गई है। इधर प्लास्टिक विरोधी अभियान भी बड़े जोर-शोर से शुरू हुआ था। कुछ दिनों तक लगा कि शहर से प्लास्टिक विदा हो जाएगी, लेकिन अब लगता है कि अभियान ही विदा हो गया। प्लास्टिक तो फिर पहले जैसी मुस्कान के साथ बाजार में घूम रही है। पटवारी गली वाला मामला भी चर्चा में है।

कुल मिलाकर प्रभु, नगर परिषद् में काम कम और चर्चाएं ज्यादा चल रही हैं। सफाई मित्र उम्मीद लगाए बैठे हैं, शहर अभियान का अगला अध्याय खोज रहा है और जनता समझने की कोशिश कर रही है कि चुनावी घोषणापत्र आखिर सपना था, संकल्प था या फिर सिर्फ चुनावी साहित्य।

बाकी प्रभु… उपराजधानी में सब कुछ ठीक-ठाक है।

फिर मिलते है, तब तक के लिए प्रणाम ! 👏

Leave A Reply

Your email address will not be published.