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दुमका में 171वें हूल दिवस पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि, सिदो कान्हु, चांद भैरव और फूलो झानो की गूंजती रही वीरगाथा

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दुमका। 171वीं हूल दिवस के अवसर पर झारखंड की उपराजधानी दुमका में जिला प्रशासन और विभिन्न संघ संगठन के लोगों ने संथाल विद्रोह के महानायक अमर शहीद वीर सिदो कान्हु, चांद भैरव और वीरांगना फूलो झानो को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उपायुक्त अभिजीत सिन्हा, पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खैरवार और एसडीओ कौशल कुमार ने दुमका स्थित अमर शहीद वीर शहीद सिदो कान्हु एवं वीरांगना फूलो झानो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उपायुक्त श्री सिन्हा ने कहा कि हूल दिवस हमारे इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। उनका संघर्ष आज भी हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने तथा समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि हमें इन महान स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज में एकता, सद्भाव एवं विकास की भावना को और सुदृढ़ करना चाहिए। सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय में कुलपति प्रोफेसर कुनुल कांडीर की अध्यक्षता में हूल दिवस मनाया गया। यहां कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जामा विधायक डॉ.लुईस मरांडी ने अमर शहीद वीर सिदो कान्हु की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। अपने संबोधन में डॉ.लुईस मरांडी ने हूल की ऐतिहासिक विरासत, उसके मूल्यों तथा समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हूल केवल एक विद्रोह नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन, अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा का महान जन आंदोलन था। उन्होंने कहा कि हूल क्रांति के वीर शहीदों के बलिदान के कारण ही आज संताल परगना विकास के पथ पर अग्रसर है तथा यहाँ की बेटियाँ सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रही है। कुलपति प्रोफेसर कुनुल कांडीर ने हूल के इतिहास तथा वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हूल के आदर्श आज भी सामाजिक न्याय, समानता और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए एक नई वार्षिक छात्रवृत्ति योजना की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्नातकोत्तर विभाग में प्रति वर्ष दो विद्यार्थियों—एक सर्वाधिक मेधावी छात्र एवं एक सर्वाधिक मेधावी छात्रा—को यह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के चयन का आधार स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा के अंक होंगे, जबकि द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए स्नातकोत्तर प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के प्राप्तांक आधार होंगे। उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति की राशि एवं इसकी विस्तृत नियमावली तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। हूल दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय जनता दल, दुमका जिला की ओर से शहर के पोखरा चौक स्थित वीर शहीद सिदो कान्हु की प्रतिमा पर जिलाध्यक्ष डॉ.अमरेन्द्र कुमार यादव के नेतृत्व में माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर डॉ.अमरेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि 30 जून 1855 का संथाल हूल केवल एक विद्रोह नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए लड़ी गई ऐतिहासिक जनक्रांति थी। सिदो कान्हु, चाँद-भैरव तथा फूलो-झानो का त्याग और बलिदान आज भी हमें अन्याय और शोषण के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान हूल आंदोलन की विरासत से जुड़ी हुई है। इस विरासत को सहेजना और नई पीढ़ी तक इसके संघर्ष एवं बलिदान की गाथा पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। कार्यक्रम में कार्यकारी जिलाध्यक्ष डॉ.प्रमोद पंडित, जिला उपाध्यक्ष पानेशल टुडू, जिला महासचिव पंकज यादव, अमरेन्द्र यादव व माणिक पंडित, कोषाध्यक्ष सुबोध यादव,जिला सचिव दिनेश मिश्रा व शेष यादव, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मो.जमील अख्तर एवं प्रदेश सचिव अफरोज आलम, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष उपेंद्र नाथ मंडल एवं प्रदेश सचिव प्रदीप मंडल, महिला प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष साव्या सिंह एवं महासचिव मनीषा कुमारी, दुमका नगर अध्यक्ष अविनाश कुमार सिंह ‘चंचल, बालमुकुंद राय, रंजन कुमार, सूरज कुमार दास, सौरभ कुमार, बेनु विल्सन हेम्ब्रम, जुली किरण मुर्मू, प्रीति प्रिया हांसदा, अंकिता हांसदा आदि उपस्थित थी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार मंडल के नेतृत्व में अमर शहीद वीर सिदो कान्हु की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर, पूर्व प्रत्याशी सीता सोरेन, सुरेश मुर्मू, जिला महामंत्री मृणाल मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह बिट्टू, प्रो.अंजुला मुर्मू, अमिता रक्षित, रवींद्र बासकी, पवन केसरी, बिमल मरांडी, सोनी हेंब्रम, पिंटू अग्रवाल, गायत्री जायसवाल, श्रीधर दास, मनोज साह, नीतू झा, पंकज वर्मा, अनुज आर्य, अजय गुप्ता, किशोरेंद्र दास, सुदीप राउत, नवल किस्कू, दिनेश सिंह आदि शामिल थे।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ताओं ने सिदो कान्हु मुर्मु विश्वविद्यालय परिसर में महान क्रांतिकारी वीर सिदो कान्हु,  चांद -भैरव एवं वीरांगना फूलो-झानो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। गई। कार्यक्रम में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमन शाह, दुमका नगर अध्यक्ष डॉ.वीरेंद्र चंद्र गोराय, नगर एसएफएस संयोजक अनूप दत्त, दुमका एवं साहिबगंज विभाग संगठन मंत्री हिमांशु दुबे, नगर उपाध्यक्ष डॉ.जितेंद्र झा, नारायण ठाकुर, कृष्ण गुप्ता, अजय कुमार, सुमित कुमार आदि उपस्थित थे। हूल दिवस पर छात्र चेतना संगठन द्वारा भी यहां पोखरा चौंक स्थित सिदो कान्हु की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। माल्यार्पण कार्यक्रम में मुख्य रूप से केंद्रीय प्रमुख हिमांशु मिश्रा, क्षेत्रीय प्रभारी राजीव रंजन, जिला छात्रा प्रमुख मालोती टुडू, फिलोमिना मरांडी, आदर्श कुमार लाहा, रोशन कुमार, प्रशांत मंडल, अमित चंद, उमेश कुमार यादव, शशि कसेरा, रामेश्वर सिंह आदि शामिल थे।  छात्र चेतना संगठन के सभी योद्धा स्थानीय केंद्रीय कार्यालय से पदयात्रा करते हुए प्रतिमा स्थल पहुंचे थे। पदयात्रा के दौरान सभी सिदो कान्हु अमर रहे, चांद भैरव अमर रहे, फुलो झानो अमर रहे, वंदेमातरम्, भारत माता कि जय का उद्घोष कर रहे थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय प्रमुख हिमांशु मिश्रा ने कहा कि सिदो कान्हु भाइयों ने जिस विषम परिस्थिति में बिना किसी संसाधन के, सिर्फ सखुआ पत्ता को संदेश वाहक बनाकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांति का ऐलान किया था और अंग्रेजी हुकूमत के दांत खट्टे कर दिए थे यह आज के सभी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। वहीं राजीव रंजन ने कहा कि सिदो कान्हु, चांद भैरव और वीरांगना फुलो झानो ने दमनकारी नीतियों के विरुद्ध अपने जल, जंगल जमीन और अपनी अस्मिता और संस्कृति को बचाने के हूल का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि आज भी एक हूल कि आवश्यकता है। आज का हूल अपनी संस्कृति को बचाने के लिए करना होगा। आज भी हमारे जल, जंगल और जमीन पर माफियाओं की नजर है, हमें इसे सुरक्षित रखने कि आवश्यकता है। हूल दिवस के अवसर पर एसपी कॉलेज के आदिवासी छात्र छात्राओं, ग्राम प्रधान मांझी संगठन, जनजातीय कौशल केंद्र जन शिक्षण संस्थान दुमका आदि के द्वारा भी संथाल हूल के महानायक अमर शहीद वीर सिदो कान्हु, चांद भैरव और फूलो झानो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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