Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
130 साल पुराना है गांदो का दुर्गा मंदिर, रानी शिवसुंदरी ने कराई थी स्थापना दुमका : दुर्गा पूजा में वार्ड 15 की सफाई व्यवस्था ठप, घरों में सड़ रहा कचरा; दुर्गंध से लोग बेहाल दुर्गा पूजा विसर्जन जुलूस में अश्लील गाने बजाने पर रोक लगाने की मांग, राष्ट्रीय बजरंग दल ने सौंपा ज्... माता-पिता के प्रति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सेवा और समर्पण भाव अनुकरणीय : डॉ.शम्स तबरेज़ खान मां दुर्गा के दर्शन के लिए खुले पूजा पंडालों के पट, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ माँ दुर्गा के बोधन अनुष्ठान के साथ सतन आश्रम में श्रद्धालुओं के लिए खुले मंदिर के पट हामर झारखंड रे’ गीत से दुमका की अनन्या सिन्हा ने बिखेरी झारखंड की लोकसंस्कृति की खुशबू, जल्द आएगा दु... बेथेल मिशन स्कूल में गरबा और डांडिया की धूम, पारंपरिक परिधानों में झूमे छात्र-छात्राएं दुमका में श्राद्ध के दौरान गाय को लेकर हुआ ऐसा गोलमाल कि पंडित जी के अरमानों पर फिर गया पानी! श्रद्धा और सबूरी में बसती है साईं भक्ति, लक्ष्मी दे ने व्रत पूरा होने पर श्रद्धालुओं के बीच बांटा प्...

अनवसर विश्राम के बाद अब रथ यात्रा वाले दिन 16 जुलाई को दर्शन देंगे भगवान श्री जगन्नाथ, दुमका में भी भव्य रथ यात्रा की तैयारी

0 169

दुमका/पुरी। आस्था और परंपरा के महासंगम का प्रतीक श्री जगन्नाथ रथ यात्रा इस वर्ष 16 जुलाई को पूरे धार्मिक उल्लास के साथ मनाई जाएगी। मान्यता अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा के भव्य स्नान के बाद भगवान श्री जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र और देवी सुभद्रा “अनवसर” काल में विश्राम करते हैं, जहां वे औषधीय सेवा और वैदिक उपचार के बीच भक्तों से कुछ दिनों तक प्रत्यक्ष दर्शन नहीं देते। इसके बाद जब वे पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर रथ पर विराजमान होते हैं, तभी रथ यात्रा का दिव्य आरंभ होता है। इसी आध्यात्मिक परंपरा के बीच इस वर्ष पुरी धाम के साथ-साथ झारखंड की उपराजधानी दुमका में भी रथ यात्रा को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू हो गई हैं। दुमका शहर में इस्कॉन, दुर्गा स्थान मंदिर तथा सतन आश्रम धधकिया की ओर से भव्य रथ यात्रा आयोजन की योजना बनाई जा रही है। विशेष रूप से यहां राज पैलेस, शिवपहाड़ स्थित “इस्कॉन” द्वारा पिछले वर्ष की तरह इस बार भी सात दिवसीय श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव के भव्य आयोजन की तैयारी चल रही है।

पिछले वर्ष इस्कॉन के रथ यात्रा कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर हरिनाम संकीर्तन, रथ खींचने की परंपरा और भक्ति रस में डूबकर श्री जगन्नाथ की कृपा का अनुभव किया था। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना जताई जा रही है।

पुरी की दिव्य रथ यात्रा और दुमका की स्थानीय आस्था को जोड़ते हुए यह संदेश और गहरा होता है कि भगवान श्री जगन्नाथ केवल पुरी के नहीं, बल्कि सम्पूर्ण सृष्टि के स्वामी हैं। रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करते हुए वे भक्तों को यह संदेश देते हैं कि ईश्वर हर उस स्थान पर हैं, जहां श्रद्धा और भक्ति का भाव है। भक्तों के बीच इस समय उत्साह का माहौल है और हर कोई 16 जुलाई का इंतजार कर रहा है, जब “जय जगन्नाथ” के उद्घोष के साथ दुमका की गलियों में भी पुरी जैसी दिव्यता का अनुभव होगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.