दुमका : तीन साल बाद भी अधूरी जामा-सुगनीबाद सड़क, निर्माण में अनियमितता का आरोप, आयुक्त से की जांच की मांग
* करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से बननी है 14.5 किलोमीटर लंबी सड़क, सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश चंद्र गन्धर्व ने प्रमंडलीय आयुक्त से की जांच की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता, दुमका
दुमका। जामा प्रखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही जामा-सुगनीबाद सड़क का निर्माण कार्य तीन साल बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। करीब 14.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण में देरी और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश चंद्र गन्धर्व ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए संताल परगना के आयुक्त को एक ज्ञापन देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।
ज्ञापन के अनुसार, दुमका जिले के जामा प्रखंड अंतर्गत सिमरा से हरिणगोहाल, पिपरा, कदरजोरिया, लक्ष्मीपुर, बसबुटिया, दुबरीकदेली, हल्दीपट्टी, भोड़ाबदार एवं बेलकूपी होते हुए जामा-सुगनीबाद तक लगभग 14.5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाना है। इस योजना की अनुमानित लागत करीब 11 करोड़ रुपये है। ग्रामीण कार्य विभाग (ग्रामीण कार्य मामले), कार्य प्रमंडल दुमका द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता श्री गन्धर्व ने अपने ज्ञापन में बताया है कि वर्ष 2023 में तत्कालीन सांसद सुनील सोरेन ने करीब 11 करोड़ रुपये की लागत वाली इस सड़क का शिलान्यास किया था। लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। उनका आरोप है कि निर्माण के दौरान रिसाइकिल सीमेंट और पुराने बोल्डर मटेरियल को मिलाकर एक लेयर बिछाई गई। इसके बाद लंबे समय तक काम बंद रहने के कारण कई जगहों पर सड़क की परत उखड़ने लगी है और पत्थर बाहर निकल आए हैं।
ज्ञापन में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। श्री गन्धर्व के अनुसार, अधूरी और जर्जर सड़क के कारण ग्रामीणों के साथ-साथ राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। सड़क की खराब स्थिति से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। इस मार्ग से कई गांवों के लोगों का आवागमन होता है, ऐसे में निर्माण कार्य में हो रही देरी का सीधा असर ग्रामीणों की दैनिक जिंदगी पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में देरी और गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इसको लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन भी किया है और संबंधित विभाग एवं संवेदक के खिलाफ आक्रोश जताते हुए निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की मांग की है।
सामाजिक कार्यकर्ता श्री गन्धर्व ने आयुक्त से मांग की है कि योजना की आवश्यकता और मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में उच्च स्तरीय टीम गठित कर सड़क निर्माण कार्य की जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण में हुई देरी और गुणवत्ता की जांच कराई जाए तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं संवेदक से जवाब-तलब किया जाए। उन्होंने दोषपूर्ण निर्माण की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई करते हुए सड़क का निर्माण शीघ्र पूरा कराने के लिए उचित निर्देश देने का आग्रह किया है।
अब देखना यह है कि ग्रामीणों की परेशानी और सड़क निर्माण में कथित अनियमितता को लेकर सौंपे गए इस ज्ञापन पर प्रशासन और संबंधित विभाग कब तक संज्ञान लेते हैं।
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