आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के 11 साल पुराने मामले में श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव बरी
दुमका। आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के एक 11 साल पुराने मामले में दुमका के एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायधीश एसडीजेएम मोहित चौधरी ने गुरुवार को सभी आरोपियों को साक्ष्य के आभाव में बरी कर दिया। श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव सहित तीन लोगों के खिलाफ चल रहे इस मामले में 17 जुलाई को एमपी एमएलए विशेष न्यायाधीश के न्यायालय में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता धर्मेन्द्र नारायण प्रसाद मौजूद थे। मंत्री श्री यादव ने कहा कि यह फैसला न सिर्फ मेरे व्यक्तिगत जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि उन तमाम लोगों के लिए भी एक प्रेरणा है जो लोकतंत्र, न्याय और संविधान में आस्था रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभ से ही मैं न्यायपालिका पर विश्वास रखता आया हूं और आज उनका सम्मान और बढ़ गया है। यह रिहाई उनके राजनीतिक जीवन को और अधिकतऊर्जा देगी, जनसेवा की भावना को और दृढ़ बनाएगी। उन्होंने अपने अधिवक्ताओं का और सभी शुभचिंतकों का हृदय से आभार प्रकट किया। इस अवसर पर सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के डॉ.शम्स तबरेज खान और राजद जिला अध्यक्ष अधिवक्ता डॉ.अमरेन्द्र कुमार यादव भी उपस्थित थे। गौरतलब है कि यह मामला गोड्डा जिला के पथरगामा थाना में 09 दिसम्बर 2014 में विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज किया गया था। गोड्डा के पथरगामा थाना में तत्कालीन बीडीओ पायल राज के लिखित आवेदन पर कांड संख्या 144/2014 के तहत मामला दर्ज कराया गया था। यह मामला रिप्रेजेंटेटिव ऑफ पीपुल एक्ट की धारा 123, 133 और डिफेमेशन ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट की धारा 3 के तहत दर्ज किया गया था। इसमें राजद प्रत्याशी संजय प्रसाद यादव, भाजपा प्रत्याशी रघुनंदन मंडल, जेवीएम प्रत्याशी संजीव आनंद एवं झामुमो प्रत्याशी राजेश साह के खिलाफ सरकारी जगह पर कार्यालय खोलने एवं पार्टी का झंडा-पोस्टर लगाने का आरोप लगा था। आरोपियों में से भाजपा प्रत्याशी रघुनंदन मंडल का निधन हो चुका है। अब इस केस में तीन ही आरोपी बचे थे।