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जिला प्रशासन से छह माह से दुमका साईं मंदिर के बाहर बैठी 55 वर्षीया महिला को उसके घर तक पहुंचाने का आग्रह

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दुमका। एक 55 वर्षीया महिला पिछले छह माह से दुमका शहर के श्री बजरंगबली लोकनाथ साईं मंदिर के बाहर बैठे नजर आ रही है। कड़ाके की इस ठंड में भी वह रोज मंदिर के बाहर या मंदिर के ठीक सामने वाले दुकान के बाहर बैठी नजर आती है। पिछले कई माह से मंदिर प्रबंधन के लोग उससे उसका नाम व पता पूछने का प्रयास कर रहे थे, पर वह कुछ भी बताने को तैयार नहीं थी। लेकिन रविवार को ठंड के कारण जब उसकी तबियत बिगड़ी तो उसने अपना नाम लीला कुमारी बताया। उसने बताया कि उसका गांव घाट बाजार बस स्टैंड के करीब गुला-बहाड़ा है। वह भटक कर दुमका पहुंच गयी है। उसके पिता को लोग मुंशी कहते है, जबकि मां का नाम पार्वती है। उसका ससुराल उड़ीसा राज्य अंतर्गत बांकी गांव है। पति का नाम रामू है, लेकिन वह उसके पास नहीं रहती है। लीला को एक पांच साल का बेटा है जिसका नाम योगेन्द्र है। वह अपनी मां के घर गुला-बहाड़ा गांव जाना चाहती है, पर वह वहां अकेले नहीं जा सकती है। उसने कहा कि अगर उसके मां के घर से कोई आ जाय तो वह यहां से चले जायेगी। गौरतलब है कि उक्त महिला अपना पता स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रही है। मंदिर के पुजारी नीरज मिश्र ने बताया कि गूगल पर सर्च करने पर पता चलता है कि घाट बाजार बस स्टैंड झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा के अंतर्गत स्थित है। महिला अपने गले में रूद्राक्ष की माला पहने हुए है। पुजारी श्री मिश्र ने बताया कि बोलचाल की भाषा से वह उडिशा की रहने वाली लगती है। वह किसी से कुछ न मांगती है और न कुछ बोलती है। किसी ने कुछ दिया तो खा लिया, नहीं तो भूखे ही रहती है। मंदिर के पुजारी नीरज मिश्र और श्री साईं कृष्ण मित्र मंडली दुमका के प्रमुख रवि कांत सुमन ने जिला प्रशासन से पिछले छह माह से मंदिर के बाहर रह रही इस अनजान महिला को किसी तरह उसके घर तक पहुंचाने का आग्रह किया है।
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