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लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दूसरे दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, स्वामी आगमानंद जी महाराज की कथा में डूबे श्रद्धालु

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दुमका। दुमका के बड़ा बांध स्थित डॉ.राजेन्द्र प्रसाद स्मारक स्थल के पावन परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्री श्री 1008 लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा परिसर भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर हो गया। 8 मार्च से आरंभ हुआ यह दिव्य अनुष्ठान 14 मार्च तक अनवरत जारी रहेगा।
सुबह यज्ञ में दी गई विशेष आहुतियां
सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया। आचार्य अनिरुद्ध शास्त्री जी एवं अन्य विद्वान पंडितों के सानिध्य में मुख्य यजमान नकुल प्रसाद पांडे ने सपत्निक यज्ञ वेदी पर विधिवत पूजा-अर्चना की।
यज्ञ के दौरान श्रीसूक्त और पुरुषसूक्त के वैदिक मंत्रों के साथ विशेष आहुतियां दी गईं, जिससे पूरा वातावरण वैदिक ध्वनियों और आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंज उठा।
कथा प्रवचन में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
संध्या काल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रीमज्जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री रामचन्द्राचार्य जी महाराज तथा परमहंस स्वामी श्री आगमानन्द जी महाराज के पावन सानिध्य में श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए।
अपने प्रवचन में स्वामी आगमानंद जी महाराज ने कहा कि
“जीवन में धन की लक्ष्मी तो आती-जाती रहती है, लेकिन वास्तविक लक्ष्मी ‘नारायण’ की भक्ति है, जो मनुष्य यज्ञ के धुएं से वातावरण और भागवत कथा से अपने अंतःकरण को शुद्ध कर लेता है, उसे संसार के किसी भी दु:ख का भय नहीं रहता।”
समिति ने की श्रद्धालुओं से अपील
कथा ज्ञान महायज्ञ समिति के सदस्यों ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं से अपील की कि वे 14 मार्च तक प्रतिदिन सुबह यज्ञ और संध्या में भागवत कथा के दिव्य प्रवचन का सपरिवार लाभ उठाएं। समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था और महाप्रसाद का विशेष प्रबंध किया गया है।कार्यक्रम का समापन भव्य आरती और महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर स्वामी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

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