दुमका में 30 जून से शुरू होगा विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान, उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने दी विस्तृत जानकारी
दुमका। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में विशेष सघन पुनरीक्षण (विशेष गहन पुनरीक्षण–एसआईआर), 2026 के सफल संचालन को लेकर सोमवार को समाहरणालय स्थित सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त अभिजीत सिन्हा द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में उपायुक्त ने बताया गया कि 30 जून से जिले में विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान प्रारंभ किया जाएगा। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूर्णतः शुद्ध, समावेशी एवं अद्यतन बनाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो सके। यह अभियान निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उपायुक्त ने कहा कि अभियान का मूल सिद्धांत है— “कोई पात्र नागरिक छूटे नहीं तथा कोई अपात्र व्यक्ति जुड़े नहीं।” इसके तहत प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे भरकर बीएलओ को जमा करना होगा। पूर्व से दर्ज मतदाताओं के लिए पात्रता का अनुमान स्वीकार किया जाएगा और केवल आवश्यक मामलों में न्यूनतम दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बूथ लेवल ऑफिसर कम-से-कम तीन बार घर-घर जाकर प्रपत्र का वितरण एवं संग्रहण करेंगे। किसी भी
मतदाता का नाम बिना सुनवाई के सूची से नहीं हटाया जाएगा और सभी को अपील का अधिकार मिलेगा। नए मतदाताओं को निर्धारित घोषणा-पत्र के साथ आवेदन करना होगा।
निर्धारित समय-सारणी
अभियान के तहत—
30 जून से 29 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का वितरण एवं संग्रहण
29 जुलाई तक मतदान केंद्रों का युक्तिकरण
05 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन
05 अगस्त से 04 सितंबर तक दावा-आपत्ति
05 अगस्त से 03 अक्टूबर तक निस्तारण
07 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
उपायुक्त ने बताया कि प्रत्येक मतदाता को दो प्रतियों में गणना प्रपत्र दिया जाएगा, जिसमें एक प्रति भरकर बीएलओ को देनी होगी और दूसरी प्राप्ति रसीद के रूप में मतदाता के पास रहेगी। इस चरण में कोई दस्तावेज जमा नहीं लिए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन ईसीआईनेट पोर्टल पर 30 जून से ही शुरू होगा, जिससे प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी।
दस्तावेजों से जुड़ी व्यवस्था
उपायुक्त ने बताया कि जन्म वर्ष के आधार पर दस्तावेजों की आवश्यकता तय की गई है। 1 जुलाई 1987 से पूर्व जन्मे लोगों के लिए स्वयं का दस्तावेज पर्याप्त होगा, 1987 से 2004 के बीच जन्मे लोगों को माता या पिता का दस्तावेज देना होगा, जबकि 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे लोगों को स्वयं के साथ माता-पिता दोनों के दस्तावेज देने होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि जिनका नाम पूर्व एसआईआर सूची में दर्ज है, उन्हें अतिरिक्त नागरिकता प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं होगी।
आधार कार्ड पर स्पष्टता
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड अकेले पर्याप्त दस्तावेज नहीं होगा, इसके साथ आयोग द्वारा निर्धारित अन्य मान्य दस्तावेजों में से एक की स्व-सत्यापित प्रति आवश्यक होगी।
नागरिकों से अपील
उपायुक्त ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे समय पर गणना प्रपत्र भरकर जमा करें और बीएलओ को सहयोग दें। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या के लिए मतदाता हेल्पलाइन 1950, ईसीआईनेट पोर्टल, वोटर हेल्पलाइन ऐप अथवा संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भ्रामक सूचनाओं पर लगातार निगरानी रखे हुए है और किसी भी गलत सूचना का तथ्यात्मक खंडन किया जाएगा। अंत में उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के सहयोग से ही जिले की मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाया जा सकेगा।
