दुमका। जिले के ब्लड सेंटरों में रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और नियमित रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित बैठक में रक्तदान शिविरों के आयोजन, जन जागरूकता अभियान और रक्त संग्रहण बढ़ाने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।बैठक में उपायुक्त ने कहा कि रक्तदान को केवल आपातकालीन जरूरत तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी के अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने जिले में नियमित रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक रक्त यूनिट संग्रह करने का निर्देश दिया।
‘प्रोजेक्ट रक्त संचयन’ से बढ़ेगी रक्त उपलब्धता
जिले के ब्लड सेंटरों में रक्त की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट रक्त संचयन’ शुरू किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों, संस्थानों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से नियमित रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। सितंबर माह में आयोजित होने वाले शिविरों का कार्यक्रम भी तैयार कर लिया गया है। उपायुक्त ने संबंधित विभागों और रेड क्रॉस सोसाइटी को संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया।
थैलेसीमिया मरीजों के लिए प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाएगा रक्त
बैठक में थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों के लिए नियमित रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि ऐसे मरीजों को समय-समय पर रक्त की आवश्यकता होती है, इसलिए ब्लड सेंटर में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने जरूरत के अनुसार विशेष रक्तदान शिविर आयोजित करने और मरीजों की आवश्यकता की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया।
निजी अस्पताल और नर्सिंग होम भी होंगे अभियान में शामिल
जिले के निजी चिकित्सालयों और नर्सिंग केंद्रों को भी रक्तदान अभियान से जोड़ा जाएगा। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग और रेड क्रॉस सोसाइटी को निजी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ समन्वय कर रक्तदान शिविरों का कैलेंडर तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि निजी संस्थानों की भागीदारी बढ़ने से जिले में रक्त संग्रहण को मजबूती मिलेगी और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा।
रक्तदान शिविरों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
उपायुक्त ने सभी रक्तदान शिविरों में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच, सुरक्षित रक्त संग्रहण, परीक्षण और भंडारण की प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।
निजी ब्लड सेंटरों की होगी जांच
बैठक में जिले में संचालित निजी ब्लड सेंटरों की जांच का भी निर्णय लिया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निजी ब्लड सेंटर नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं, इसकी जांच की जाए। किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जनभागीदारी से बनेगा रक्तदान अभियान
उपायुक्त ने सामाजिक संगठनों, युवाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों और आम लोगों से रक्तदान अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्तदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है और इसे एक स्थायी सामाजिक अभियान बनाने की जरूरत है। बैठक में सिविल सर्जन, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ.राज कुमार उपाध्याय, वाइस चेयरमैन डॉ.मनोज कुमार घोष सहित संबंधित पदाधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद थे। #####
