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विश्वविद्यालय परिवार ने दी पूर्व सीएम दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि

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दुमका। सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय में बुधवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं झारखंड आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन के निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.कुनुल कंदीर के नेतृत्व में  आयोजित इस सभा में उपस्थित विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत दो मिनट के मौन धारण से की गई, जिसके उपरांत दिवंगत शिबू सोरेन की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में स्नातकोत्तर उर्दू विभाग के अध्यक्ष डॉ.शम्स तबरेज खान ने गुरुजी के जीवन संघर्षों को विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि झारखंड को एक अलग राज्य का दर्जा दिलाने में स्वर्गीय शिबू सोरेन की भूमिका अविस्मरणीय रही है। उन्होंने साहूकारों, दलितों, पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए लड़े गए उनके संघर्षों पर विशेष प्रकाश डाला। डॉ.खान ने बताया कि उन्होंने स्वयं उन आंदोलनों में हिस्सा लिया था, जब उन्हें शिबू सोरेन के नेतृत्व में झारखंड के लिए आंदोलन करते हुए कई बार जेल भी जाना पड़ा था। सभा में कुलपति प्रो.कुनुल कंदीर ने शिबू सोरेन को एक जननेता, आदिवासी समाज के मसीहा और झारखंड की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन न केवल एक राजनेता थे, बल्कि एक विचार थे, जिन्होंने सदैव वंचितों की आवाज को बुलंद किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉ. जैनेन्द्र यादव, वित्त सलाहकार ब्रिज नंदन ठाकुर, प्रॉक्टर डॉ. राजीव कुमार, कुलसचिव डॉ. राजीव रंजन सिन्हा, परीक्षा नियंत्रक डॉ.जयकुमार साह सहित अन्य अधिकारियों ने अपने विचार रखे और स्वर्गीय शिबू सोरेन को नमन किया। वक्ताओं ने झारखंड आंदोलन के ऐतिहासिक क्षणों को साझा किया और कहा कि शिबू सोरेन का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। श्रद्धांजलि सभा में विश्वविद्यालय के तमाम पदाधिकारी, विभिन्न स्नातकोत्तर विभागों के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थी। सभा का समापन शांति और एकजुटता के संकल्प के साथ किया गया।

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