श्रद्धांजलि : दुमका में झारखंड आंदोलनकारी सिमन सोरेन ने अपने घर में किया गुरूजी के नाम पर दशकर्म श्राद्ध
दुमका। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरू शिबू सोरेन का दशकर्म था। इस अवसर पर जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों ने नेमरा गांव में श्राद्ध कर्म कर गुरूजी को श्रद्धांजलि अर्पित की, वहीं दुमका में झारखंड आंदोलनकारी सिमन सोरेन ने कड़हलबिल गांव स्थित अपने घर में पूरे आदिवासी रीति रिवाज के साथ गुरूजी के नाम पर भाण्डान यानि श्राद्धकर्म को पूरा कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। गुरूजी के नाम पर आयोजित इस श्राद्धकर्म में सिमन सोरेन के घर के सभी पुरूषों ने मुंडन करवाया और महिलाओं ने नाखून काटा। इसके बाद सभी ने सखुवा पेड़ का दत्तवन कर हल्दी, मिट्टी, सरसों फल पिसकर और सरसो तेल लगाकर स्नान किया। फिर सभी ने गुरूजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर खीर का भोग चढ़ाया। इसके बाद सभी ने सामुहिक रूप से गुरूजी की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
अंत में दशकर्म श्राद्ध के नियम के अनुसार सभी ने प्रसाद स्वरूप खीर और दही-चुड़ा ग्रहण किया। गुरूजी के नाम पर आयोजित इस श्राद्ध कर्म में झारखंड आंदोलनकारी सह झामुमो कार्यकर्ता सिमन सोरेन के घर के सदस्यों के साथ झामुमो के भी कई लोग शामिल हुए, जिनमें सनोदी हेम्ब्रम, मनोज सोरेन, विरेन्द्र सोरेन, शिल्पा हांसदा, रूपलाल मुर्मू, अमित मुर्मू, बुदिन सोरेन, विनय कुमार, बुधन मरांडी, जियाराम रॉय, फिलिमन मरांडी, मनीषा भंडारी, मधु अली खान, विजय हांसदा, मो.नौशाद, मनोज रजक आदि के नाम शामिल है।