डिस्कवरी चैनल देख दुमका के विष्णु शर्मा बन गये स्नेक सेवर, अब तक 1500 से अधिक सांपों की कर चुके है रक्षा

दुमका। अगर आपके घर में या आसपास कहीं भी कोई सांप घुस जाय तो उसे मारने का प्रयास कदापि न करें। उसे बाहर निकालने का प्रयास करें और अगर वह नहीं निकले तो आप स्नेक सेवर यानि सर्प रक्षक विष्णु शर्मा को फोन कर सकते है। दिन हो या रात विष्णु इसके लिए हमेशा तैयार रहते है। हम यहां बात कर रहे है दुमका शहर के रसिकपुर बढ़ई पाड़ा निवासी स्व.श्याम प्रसाद शर्मा के पुत्र विष्णु शर्मा की। विष्णु एक स्नेक सेवर है। आपको इनका मोबाइल नम्बर इनके यूट्यूब चैनल (snake rescue in dumka) में आसानी से मिल जायेगा।
चाहे कोई भी सांप हो विष्णु उसे पकड़ने में माहिर है। सांप को पकड़कर विष्णु उसे दूर जंगल में छोड़ आते है। विष्णु का यह कार्य पूरी तरह से निःशुल्क है। विष्णु कहते है कि यह कार्य वे सर्प की रक्षा करने के उद्देश्य से करते है। उन्होंने कहा कि यह उनका पेशा नहीं, बल्कि हाॅबी है।
डिस्कवरी चैनल से सीखा सांपों को पकड़ना
स्नेक सेवर विष्णु ने बताया कि वे बचपन से डिस्कवरी चैनल देखा करते थे। इसमें खासकर वे सांपों की जानकारी वाले एपिसोड को देखा करते थे। डिस्कवरी चैनल से ही उन्हें पता चल गया कि कौन सांप कितना जहरीला है और कौन नहीं। चैनल से ही उन्होंने सांप को पकड़ना और फिर उसे जंगल में जाकर छोड़ना सीखा है। विष्णु ने बताया कि सौ में आधे से अधिक सांप जहरीले नहीं होते है, फिर भी लोग डर से या जानकारी के अभाव में उसे मार देते है, जो गलत है। उन्होंने कहा कि किसी भी सांप को मारना गलत है। हमें कभी भी सांप को नहीं मारना चाहिए। सांप प्रकृति का एक महत्वपूर्ण जीव है। विष्णु कहते है कि सांप से बचने के लिए लोगों को अपने घर और आसपास की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
अब तक 1500 से अधिक सांप पकड़ चुके है
स्नेक सेवर विष्णु ने बताया कि अब तक वे दुमका शहर और इसके आसपास के इलाके में 1500 से अधिक सांपों को पकड़ चुके है। सांप को पकड़ने के लिए वन विभाग, दुमका भी उनकी मदद लेते है। फोन आने पर सांप को पकड़ने के लिए वे दुमका शहर से 40 से 50 किलोमीटर की दूरी तक चले जाते है। विष्णु कहते है कि इस कार्य से वे लोगों के साथ सर्प की भी रक्षा करते है। और यही उनका उद्देश्य है।
प्लस टू नेशनल हाई स्कूल का छात्र है विष्णु शर्मा
स्नेक सेवर विष्णु शर्मा प्लस टू नेशनल हाई स्कूल, दुमका के छात्र है। उन्होंने इस विद्यालय से वर्ष 2004 में मैट्रिक की परीक्षा पास की है। वर्तमान में विष्णु इंटीरियर डिजाइनिंग का काम करते है। विष्णु दुमका शहर के रसिकपुर बढ़ई पाड़ा के रहने वाले है।
