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रेड क्रॉस सोसाइटी ने लगाया थैलेसीमिया विशेष रक्तदान शिविर, चेयरमैन सहित 13 लोगों ने किया रक्तदान

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दुमका। झारखंड राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के दुमका शाखा के द्वारा यहां ‘‘थैलेसीमिया विशेष रक्तदान शिविर’’ का आयोजन किया गया। इस रक्तदान शिविर में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, दुमका के चेयरमैन डॉ.राजकुमार उपाध्याय, संयुक्त सचिव धर्मेंद्र सिंह बिट्टू की धर्मपत्नी सोना सिंह, कार्यकारिणी सदस्य मणि केशरी, पिंकी कुमारी, अमित कुमार, सुनील सिंह, कविता कुमारी, जिला क्रिकेट संघ, दुमका के सचिव शावर्ण मनोज कुणाल, मधुर कुमार सिंह, दिलीप कुमार शर्मा, दीपक मंडल, रेखा कुमारी और मो.फारुख ने रक्तदान किया। सोसाइटी के सचिव डॉ.अमरेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि जरूरतमंद मरीजों की रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर बृहद रक्तदान अभियान चलाने के लिए आयोजित राज्यव्यापी स्वैच्छिक रक्तदान पखवाड़ा 12 से 28 नवंबर तक के तहत यह शिविर लगाया गया था। उन्होंने बताया कि दुमका ब्लड बैंक से 18 वर्ष तक के लगभग 65 थैलेसीमिया मरीज जुड़े हुए हैं, जिनको हर महीने एक या दो बार रक्त की जरूरत होती है। कई बार थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे के अभिभावक को रक्त के लिए भटकने की खबरें आ जाती है। सोसाइटी के चेयरमैन डॉ.राज कुमार उपाध्याय ने बताया कि दुमका ब्लड के रिकॉर्ड से पता चलता है प्रत्येक माह थैलेसीमिया मरीजों को 60 से 80 यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए प्रत्येक माह थैलेसीमिया मरीजों के लिए कम से कम एक रक्तदान शिविर आयोजित करने की योजना है। इसके लिए विभिन्न संगठनों से समन्वय बनाया जा रहा है। इसके अलावा थैलीसिमिया मरीजों को डोनर के साथ टैग करने की योजना भी बनायी गयी है। ताकि ऐसे मरीजों को रक्त के लिए भटकना नहीं पड़े। वाइस चेयरमैन डॉ.मनोज कुमार घोष ने कहा कि थैलेसीमिया के अलावा डायलिसिस, एनेमिया,ऑपरेशन के मरीजों और प्रसव के दौरान भी रक्त की जरूरत पड़ती है। संयुक्त सचिव धर्मेंद्र सिंह बिट्टू और डॉ.सिकन्दर कुमार ने 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के सभी लोगों से तीन माह के अंतराल पर रक्तदान करने की अपील। उन्होंने कहा कि जो भी लोग रक्तदान करते हैं, वह समाज के लिए एक बेतरीन मिशाल हैं। इस अवसर पर ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ.अमित कुमार, ऑन ड्यूटी डॉ.मनीषा, तकनीशियन प्रकाश कुमार दे, सामाजिक कार्यकर्ता अविनाश कुमार सिंह, चंचल आदि उपस्थित थे।

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