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झारखंड स्थापना दिवस पर विश्वविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा और राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् को समर्पित रहा एनएसएस का कार्यक्रम 

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दुमका। झारखंड स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर शनिवार को सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रकोष्ठ के द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्रशासनिक भवन में आयोजित मुख्य समारोह भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती तथा वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने को समर्पित रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर डॉ.कुनुल कंदीर ने की। कार्यक्रम की शुरुआत भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी एवं जनजातीय गौरव धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर पर कुलपति सहित उपस्थित अधिकारियों द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। अपने उद्बोधन में कुलपति डॉ.कुनुल कंदीर ने भगवान बिरसा मुंडा के अदम्य साहस, आत्मबल और उनके बलिदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा के जीवन मूल्यों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में प्रत्येक नागरिक को योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम में जनजातीय गौरव दिवस तथा भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व एवं राष्ट्रीय योगदान पर हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.विनय कुमार सिन्हा ने विस्तारपूर्वक चर्चा की। वहीं “वन्दे मातरम् के 150 वर्ष : इतिहास एवं वर्तमान उपादेयता” विषय पर अंग्रेजी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ.अच्युत चेतन ने गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया और अनेक महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्यों को साझा किया। विश्वविद्यालय अधिकारियों में छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ.जैनेन्द्र यादव, वित्तीय सलाहकार डॉ.ब्रजनन्दन ठाकुर, कुलसचिव डॉ.राजीव रंजन शर्मा, वित्त पदाधिकारी डॉ.संजय कुमार सिन्हा, कुलानुशासक डॉ.राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ.रीणा नीलिमा लकड़ा तथा सीसीडीसी डॉ.अब्दुस

सत्तार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। एनएसएस की स्वयंसेविकाओं एवं स्वयंसेवकों ने डॉ.अनिता चक्रवर्ती के नेतृत्व में सम्पूर्ण वन्दे मातरम् गीत का सामूहिक सुरमय प्रस्तुतीकरण किया, जिसने सभा को राष्ट्रभक्ति की भावनाओं से परिपूर्ण कर दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ.धनंजय कुमार मिश्र ने किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, शिक्षकेतर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।

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