दुमका। छात्र चेतना संगठन का 28वां स्थापना दिवस शुक्रवार को यहां जन पुस्तकालय परिसर समारोहपूर्वक मनाया गया। समारोह का का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। केंद्रीय प्रमुख हिमांशु मिश्रा, मातृशक्ति श्यामा देवी एवं क्षेत्रीय प्रभारी राजीव मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर महान क्रांतिकारी पंडित चंद्रशेखर आजाद और मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण किया। इससे पूर्व संगठन के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक आदिवासी नृत्य प्रस्तुत करते हुए आगत अतिथियों को मंच तक लाकर स्वागत किया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया।
“छात्र चेतना संगठन एक विचार और क्रांति है” — हिमांशु मिश्रा
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय प्रमुख हिमांशु मिश्रा ने कहा कि वे संगठन के योद्धाओं के भीतर उस ज्वाला को प्रज्वलित करने आए हैं, जो मातृभूमि के लिए जीना, लड़ना और समर्पित होना सिखाती है। उन्होंने कहा कि यह देश पंडित चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे महान क्रांतिकारियों की भूमि है, जिन्होंने अपने रक्त से इतिहास लिखा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि आज देश को मोबाइल पर समय बिताने वाले नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत, दृढ़ संकल्प और नेतृत्व क्षमता वाले युवाओं की आवश्यकता है। छात्र चेतना संगठन ऐसे ही राष्ट्रनिष्ठ युवाओं को तैयार करने का अभियान चला रहा है उन्होंने विश्वास जताया कि एक दिन भारत पुनः विश्व गुरु के परम वैभव पर स्थापित होगा और जब तक देश को महाशक्ति नहीं बना लिया जाता, संगठन के कार्यकर्ता चैन से नहीं बैठेंगे।
स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर प्रगट की चिंता
क्षेत्रीय प्रभारी राजीव मिश्रा ने कहा कि छात्र चेतना संगठन पूर्णतः गैर-राजनीतिक और सामाजिक संगठन है, जिसका उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र सर्वोपरि की भावना के साथ नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल होने के बावजूद छोटी बीमारियों के लिए भी लोगों को पड़ोसी राज्यों पश्चिम बंगाल और बिहार पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने डॉक्टरों की कमी और समय पर उपचार न मिलने से मरीजों को हो रही कठिनाइयों की ओर ध्यान दिलाया। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी निजी संस्थानों पर निर्भरता तथा युवाओं के पलायन को गंभीर समस्या बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने अलग झारखंड राज्य के लिए संघर्ष करने वाले शिबू सोरेन और निर्मल महतो के संघर्ष का उल्लेख करते हुए संथाल परगना के हित में संघर्ष की चेतावनी दी।
अन्य वक्ताओं ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में जिला सचिव श्याम राय, जिला छात्रा प्रमुख मालूति टुडू, बासुकीनाथ से उज्जवल जी, जरमुंडी से परमजीत झा एवं विवेक गुप्ता, पोड़ैयाहाट से सुभाष यादव, जामा से लंबोदर यादव, सरैयाहाट से मार्टिन मरांडी एवं रंजन किस्कू तथा दुमका से श्याम सुंदर कुमार ने भी युवाओं को संबोधित किया। मातृशक्ति श्यामा देवी ने “वंदे मातरम्” गीत की प्रस्तुति देकर वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। दुमका के स्कूली बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन जीत लिया। झारखंड के विभिन्न जिलों सहित संताल परगना से सैकड़ों सीसीएस योद्धाओं की उपस्थिति में समारोह का समापन बच्चों को पारितोषिक वितरण और राष्ट्रगान के साथ हुआ।