दुमका। दुमका स्थित इस्कॉन सेंटर में मंगलवार को गौर पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत भव्य, दिव्य और अलौकिक वातावरण में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। संपूर्ण मंदिर प्रांगण हरिनाम संकीर्तन, पुष्पों की सुगंध और भक्तों की अपार श्रद्धा से गुंजायमान हो उठा। यह पावन दिवस चैतन्य महाप्रभु के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो भक्तों के लिए विशेष आनंद, भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का अवसर लेकर आया। प्रातःकाल ब्रह्ममुहूर्त में मंगलमय मंगला आरती से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। तत्पश्चात दर्शन आरती एवं भोग आरती अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से सम्पन्न हुई। प्रभु के मनोहारी श्रृंगार दर्शन कर
भक्तजन भाव-विभोर हो उठे। महोत्सव के अंतर्गत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रेरणादायक नाटक प्रस्तुत किए गए, जिनमें बच्चों ने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी बच्चों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया, जिससे उनके चेहरे प्रसन्नता से दमक उठे। इसके पश्चात महाप्रभु का दिव्य पुष्प-अभिषेक किया गया। फूलों की वर्षा के बीच “हरे कृष्ण”
महामंत्र की गूंज से वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक आनंद में डूब गया। तुलसी आरती एवं संध्या आरती के साथ भक्तों ने उत्साहपूर्वक कीर्तन किया। विशेष रूप से माताजी एवं सभी भक्तजन प्रेम और आनंद से झूमते हुए हरिनाम संकीर्तन में लीन हो गए। इसके बाद भक्तों ने प्रेम और उल्लास के साथ
फूलों की होली खेली। चारों ओर पुष्पों की वर्षा और हरिनाम की ध्वनि ने वातावरण को मानो वृंदावन धाम जैसा दिव्य बना दिया। अंत में सभी भक्तों के बीच महाप्रसाद वितरण किया गया। महाप्रसाद प्राप्त कर भक्तगण आत्मिक संतोष और
आनंद से परिपूर्ण हो गए। इस प्रकार गौर पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत सुव्यवस्थित, भक्तिमय और सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह दिन सभी श्रद्धालुओं के लिए सचमुच अविस्मरणीय और हृदय को स्पर्श करने वाला रहा।
