Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
विश्व पर्यावरण दिवस पर राजकीय पुस्तकालय परिसर में हुआ वृक्षारोपण विश्व पर्यावरण दिवस विशेष : प्रकृति की रक्षा ही मानवता की सुरक्षा राखाबनी में गंदगी और अवैध खटाल संचालन के खिलाफ ग्रामीणों ने उठाई आवाज, आवेदन देकर आयुक्त से की कार्र... रक्तदान कर शशि रंजन शशि ने निभाया मानवता का धर्म, जरूरतमंद मरीज को दिया जीवनदान खोरठा साहित्य के पुरोधा सुकुमार जी को दुमका में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि कुत्ता काटने की घटनाओं पर रोक के लिए जिला प्रशासन सक्रिय, बनेगा एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य पर दुमका में दो दिवसीय निःशुल्क योग शिविर 4 जून से दुमका शहर के रसिकपुर बड़ा बांध से वृद्ध विष्णु प्रसाद साह लापता, परिजन परेशान ब्रह्माकुमारीज का सात दिवसीय समर कैंप संपन्न, संस्कार, योग और आत्मविश्वास से निखरे बच्चे विशेष बच्चों के सर्वांगीण विकास को समर्पित रहा विकास विद्यालय का समर कैंप, समापन पर बच्चों ने किये इ...

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए एसकेएमयू और जेएसएफडीए के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

0 216

दुमका। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने एवं शैक्षणिक तथा प्रशासनिक दक्षताओं के विकास के उद्देश्य से सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका और झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट अकादमी (जेएसएफडीए) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न किया गया। यह औपचारिक आयोजन 18 मार्च को रांची में आयोजित हुआ, जिसमें दोनों संस्थानों के बीच दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आधारशिला रखी गई। इस अवसर पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक सुधीर बारा, सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.राजीव रंजन शर्मा, झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट अकादमी के नोडल पदाधिकारी डॉ.सुजीत कुमार सोरेन, विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि डॉ.ईश्वर मरांडी, डॉ.पिजूष मालपहारिया सहित विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं शिक्षाविद् उपस्थित थे। सभी ने इस पहल को राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए दूरदर्शी और सकारात्मक कदम बताया। एमओयू के तहत एसकेएमयू एवं जेएसएफडीए संयुक्त रूप से विभिन्न क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और प्रशासनिक कर्मियों की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रबंधकीय क्षमताओं का विकास करना है। इससे न केवल शिक्षण गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि नवाचार और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को भी बढ़ावा मिलेगा। समझौते के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजना, प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित मूल्यांकन पर विशेष बल दिया जाएगा। दोनों संस्थान मिलकर विषय-विशेष कार्यशालाएं, सेमिनार और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। जेएसएफडीए के सहयोग से विषय विशेषज्ञों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बन सकें। इसके अलावा, इस पहल के माध्यम से शिक्षकों और शोधार्थियों को नवीन शोध पद्धतियों, डिजिटल शिक्षण तकनीकों तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित आधुनिक शिक्षण विधियों से अवगत कराया जाएगा। यह प्रयास उच्च शिक्षा संस्थानों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.