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योग और मेडिटेशन से थायरॉइड कंट्रोल की पहल, फूलो झानो मेडिकल कॉलेज दुमका  में शुरू हुआ राजयोग आधारित मेडिकल रिसर्च

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दुमका। स्वास्थ्य और अध्यात्म के समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए फूलो झानो मेडिकल कॉलेज, दुमका के तत्वावधान में हाइपोथायरॉइड मरीजों पर राजयोग के प्रभाव को लेकर शोध कार्य की शुरुआत की गई। यह कार्यक्रम थाना रोड स्थित ओम शांति टावर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बुधवार को नगर परिषद दुमका के उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने राजयोग प्रयोगशाला का रिबन काटकर किया। फिजियोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.पूनम मेहता ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में हाइपोथायरॉइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले यह बीमारी मुख्यतः महिलाओं में देखी जाती थी, लेकिन अब पुरुषों में भी इसके लक्षण तेजी से उभर रहे हैं। उन्होंने बताया कि थकान, बाल झड़ना, चिड़चिड़ापन, सुस्ती, कब्ज और बांझपन इसके प्रमुख संकेत हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न शोधों के अनुसार नियमित योग और मेडिटेशन के माध्यम से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इस शोध के मुख्य अन्वेषक डॉ.पीयूष रंजन ने बताया कि यह महत्वपूर्ण अध्ययन झारखंड के 6 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एक साथ किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत आज दुमका से हुई। पहले दिन 30 मरीजों का पंजीकरण कर उनके ब्लड सैंपल लिए गए। यह अध्ययन अगले दो महीनों तक चलेगा। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्था, दुमका की निदेशक बीके जयमाला ने कहा कि राजयोग, संतुलित जीवनशैली और पारिवारिक स्नेह थायरॉइड जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता हैं। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक, शोधार्थी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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