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वृंदावन की भक्ति धारा में डूबा दुमका का हिन्द क्लब, बृजवासी अच्युतानंद जी ने बताया राधा रानी का महत्व

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दुमका। शहर के कुम्हार पाड़ा मोहल्ला स्थित हिंद क्लब में रविवार को आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला, जब गोवर्धन (वृंदावन) से पधारे संत अच्युतानंद जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति और साधना का संदेश दिया। इस अवसर पर कांग्रेस के वरीय नेता सह वार्ड पार्षद महेश राम चंद्रवंशी भी उनके साथ मौजूद रहे। 73 वर्षीय अच्युतानंद जी का जीवन स्वयं में भक्ति और त्याग का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने मात्र 12 वर्ष की आयु में ही घर-बार छोड़कर वृंदावन की राह पकड़ ली थी। दीक्षा लेने से पहले उनका नाम अजय पाल था। वर्तमान में वे पिछले 57 वर्षों से गोवर्धन में राधा कुंड के समीप शांति कुटीर में निवास कर रहे हैं। वे मूल रूप से दुमका जिले के बरमसिया के निवासी हैं।अपने गृह जिला आगमन पर उन्होंने हिंद क्लब में श्रद्धालुओं के साथ विशेष आध्यात्मिक चर्चा की, जिसमें वृंदावन की महिमा और राधा रानी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वृंदावन केवल एक स्थान नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति और समर्पण की जीवंत भूमि है, जहां हर कण में श्रीकृष्ण और राधा रानी की दिव्य उपस्थिति का अनुभव होता है। राधा रानी को भक्ति की सर्वोच्च शक्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके बिना श्रीकृष्ण की आराधना अधूरी मानी जाती है। राधा नाम का स्मरण ही मन को शुद्ध कर ईश्वर से जोड़ने का माध्यम बनता है। अच्युतानंद जी ने बताया कि राधा कुंड का विशेष महत्व है, जहां स्नान और ध्यान करने से आत्मा को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने उपस्थित लोगों को सरल जीवन, नाम जप और सेवा भाव अपनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर श्री साईं कृष्ण मित्र मंडली, दुमका के प्रमुख पत्रकार रवि कांत सुमन, कुलदीप कुमार मिठ्ठू, श्रद्धालु जगदीश राम, रूपेश सिंह आदि भी मुख्य रूप से उपस्थित थे। इस दौरान भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के भजन से वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। उपस्थित लोगों ने इस आध्यात्मिक संगोष्ठी को जीवन के लिए प्रेरणादायक बताया।

 

 

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