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समाजसेवा और संवेदनशीलता की मिसाल थे विजय बाबू : जयंती पर बच्चों, मरीजों और पर्यावरण के लिए चला सेवा अभियान

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दुमका। झारखंड आंदोलन के वरिष्ठ योद्धा, समाजसेवी एवं जनसरोकारों की मजबूत आवाज रहे विजय कुमार सिंह की 78वीं जयंती बुधवार को सेवा, संवेदना और सामाजिक समर्पण के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर उनके आदर्शों को याद किया गया। कार्यक्रमों में बच्चों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने से लेकर मरीजों के बीच फल वितरण और पर्यावरण संरक्षण के संदेश तक, हर गतिविधि में विजय बाबू के व्यक्तित्व की झलक दिखाई दी। बाघडुबी गांव स्थित सक्सेस पॉइंट में बच्चों के बीच कॉपी, पेंसिल एवं चॉकलेट का वितरण किया गया। बच्चों ने भी उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। वहीं दुधानी स्थित मदर टेरेसा चैरिटी परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके साथ ही वहां भर्ती रोगियों के बीच फल वितरण कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विजय कुमार सिंह केवल एक आंदोलनकारी नहीं, बल्कि गरीबों, जरूरतमंदों और आम लोगों के सच्चे हितैषी थे। उन्होंने हमेशा समाज के कमजोर वर्गों की आवाज उठाई और अपने जीवन को जनसेवा के लिए समर्पित रखा। उनका व्यवहार बेहद सरल, आत्मीय और सहयोगी था, यही कारण है कि आज भी लोग उन्हें सम्मान और स्नेह के साथ याद करते हैं। वक्ताओं ने कहा कि विजय बाबू का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सेवा, संघर्ष और मानवीय संवेदनाओं का जो रास्ता उन्होंने दिखाया, वही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में प्रभारी सिस्टर निर्मला रोज, सिस्टर सेलेसा, सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमार सिंह, ऋषिकेश, मो.अनवर, कृष्णा कुमार सिंह, दीपांकर शर्मा, रीतलाल मरांडी, अविनाश मरांडी, स्नेहलता सोरेन, बाहामुनि सोरेन सहित कई स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही। उपस्थित लोगों ने समाजसेवा एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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