दुमका। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बुधवार को स्थानीय रक्त केंद्र में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं, स्वास्थ्य कर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की जिंदगी बचाने का संदेश दिया। शिविर में रक्त केंद्र के प्रभारी डॉ.अमित रंजन, टेक्निकल सुपरवाइजर प्रकाश कुमार दे सहित काजल सेन, परशुराम भारती, नीरज कुमार, राहुल दत्ता, सुमन कुमार पंडित, मोहम्मद मुर्शीद अंसारी, मोहम्मद मुजफ्फर अंसारी और विकेश कुमार ने रक्तदान किया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ.सुशांत कुमार मांझी ने कहा कि आज से लगातार दो महीने तक जिले में रक्तदान शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने जिले की सभी सामाजिक संस्थाओं, संगठनों और आम लोगों से रक्तदान अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद को जीवन देने का पुण्य कार्य है। उन्होंने रक्तदाताओं का आभार जताते हुए नियमित रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित किया।रक्त केंद्र प्रभारी डॉ.अमित रंजन ने बताया कि दुमका जिले में
वर्तमान में करीब 100 थैलेसीमिया मरीज हैं, जिन्हें नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता पड़ती है। इन मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना रक्त केंद्र की प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने सभी संस्थाओं से रक्तदान शिविर आयोजित करने और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रक्त की जरूरत किसी को भी कभी भी पड़ सकती है। ऐसे में नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है और जरूरतमंद मरीजों को समय पर जीवनरक्षक रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है। रक्तदान शिविर में भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, दुमका के चेयरमैन डॉ.राज कुमार उपाध्याय और वाइस चेयरमैन डॉ.मनोज कुमार घोष सहित अन्य लोग उपस्थित थे। शिविर के माध्यम से युवाओं और आम लोगों को यह संदेश दिया गया कि रक्तदान महज दान नहीं, बल्कि किसी के जीवन को बचाने की जिम्मेदारी है।
