Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
रांची में राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होंगे दुमका के डॉ.सपन कुमार बकरी पालन निवेश योजना में करोड़ों की ठगी का आरोप, एसकेएमयू की असिस्टेंट प्रोफेसर की शिकायत पर एफआईआर... नोनीहाट निवासी राहुल नंदी बने मेरा युवा भारत के युवा स्वयंसेवक फेसबुक पोस्ट ने मचाई धूम, एलआईसी अभिकर्ता राजेश सिन्हा का अंदाज देख मुस्कुराए लोग जन्माष्टमी पर ग्रीन माउंट एकेडमी में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, राधा-कृष्ण से लेकर डॉक्टर-पुलिस के रूप... मां की पुण्यतिथि पर रक्तदान कर डॉ.मनोज कुमार घोष ने पेश की सेवा और संवेदना की मिसाल पूर्व गणतंत्र दिवस परेड के लिए एसकेएमयू में चयन शिविर, 22 स्वयंसेवकों का हुआ चयन श्रीकृष्णाष्टमी पर भक्तिमय होगा दुमका, मंदिरों में गूंजेगा ‘हरे कृष्ण’ का जयघोष नेपाल बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आया ग्रीन माउंट एकेडमी, निकाली सहायता रैली झामुमो नेता राजेश कुमार सिंह ने उठाई नोनीहाट बासुकीनाथ मोड़ को ‘नाग वासुकी चौक’ बनाने की मांग

रांची में राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होंगे दुमका के डॉ.सपन कुमार

0 74
डॉ.सपन कुमार

दुमका। शिक्षक दिवस के अवसर पर दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय डुमरथर के  प्रधानाध्यापक डॉ.सपन कुमार को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 5 सितंबर को रांची में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस बावत झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेईपीसी), रांची के निदेशक ने डॉ.सपन कुमार को सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। डॉ.सपन कुमार अपने अनोखे शैक्षणिक नवाचारों, कम लागत में तैयार किए गए शिक्षण मॉडल और रचनात्मक प्रयासों के लिए राज्य ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में अपनी पहचान बना चुके हैं। कोरोना काल के कठिन दौर में उन्होंने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए ब्लैकबोर्ड मॉडल तैयार किया था, जिसकी काफी सराहना हुई। इसके अलावा प्रकृति में उपलब्ध संसाधनों से टीएलएम (शिक्षण अधिगम सामग्री) तैयार कर उन्होंने शिक्षा को सरल और प्रभावी बनाने का काम किया। डॉ.सपन कुमार ने सुदूर आदिवासी क्षेत्र में स्थित डुमरथर विद्यालय की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बंजर जमीन को हरियाली में बदलने का अभियान चलाया और विद्यार्थियों व समुदाय को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा। विद्यालय परिवार और ग्रामीणों के सहयोग से स्वच्छता के क्षेत्र में विद्यालय को लगातार दूसरे वर्ष फाइव स्टार रेटिंग भी प्राप्त हुई है। पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिए शुरू किया गया उनका दाना-पानी अभियान भी काफी चर्चित है। शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता को जोड़कर किए गए उनके नवाचार आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। सीमित संसाधनों में अपनी सोच और मेहनत से विद्यालय को नई पहचान दिलाने वाले डॉ.सपन कुमार का राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन दुमका जिले के लिए गौरव की बात है। उनका यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और नवाचार की मिसाल है।

##### webakhbar.com

Leave A Reply

Your email address will not be published.