दुमका। भारतरत्न मदर टेरेसा की पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को दुधानी स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी परिसर में श्रद्धांजलि एवं प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने मदर टेरेसा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया और उनके सेवा कार्यों को नमन किया। साथ ही उनके बताए मानव सेवा एवं करुणा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर समाजसेवी सह झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य राजेश कुमार सिंह ने कहा कि मदर टेरेसा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि मानवता, प्रेम और सेवा की जीवंत प्रतीक थीं। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों, गरीबों, असहायों, बीमारों और बेसहारा लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त 1910 को मैसेडोनिया में हुआ था। उन्होंने भारत को अपनी कर्मभूमि बनाया और कोलकाता से शुरू की गई उनकी सेवा यात्रा ने पूरे विश्व को मानवता का संदेश
दिया। वर्ष 1950 में उन्होंने मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की, जिसके माध्यम से उन्होंने जरूरतमंदों, कुष्ठ रोगियों, अनाथों और असहाय लोगों की सेवा का कार्य किया। झामुमो नेता श्री सिंह ने कहा कि मदर टेरेसा ने कभी जाति, धर्म और समुदाय के आधार पर किसी में भेदभाव नहीं किया, बल्कि हर जरूरतमंद इंसान में ईश्वर का स्वरूप देखा। उनका जीवन हमें यह संदेश देता है कि सच्ची मानवता दूसरों के दु:ख को समझने और उनकी सहायता करने में है। उनके सेवा कार्य और विचार आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। कार्यक्रम में सिस्टर सैलेसा, सिस्टर जुनिता, सिस्टर निलीमा, डॉ.कुणाल पांडेय, अगुस्टीना डोंग, प्रभा किंडो, रेमिश मिंज, आशालता मोदी, रोबिन हेम्ब्रम आदि उपस्थित थे। #####
