दुमका। सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय में गुरुवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का स्थापना दिवस हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के 16 कार्यक्रम पदाधिकारी, संताल परगना प्रमंडल के सभी छह जिलों के नोडल पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक और स्वयंसेविकाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो.(डॉ.) कुनुल कंदीर ने सिदो कान्हु मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। इसके बाद एनएसएस ध्वजारोहण और लक्ष्य गीत प्रस्तुत किया गया। मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पण और माल्यार्पण के साथ हुई। वंदे मातरम् और विश्वविद्यालय के कुलगीत के बाद स्वयंसेवकों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर कुलपति प्रो.(डॉ.)कुनुल कंदीर ने कहा कि शैक्षणिक विकास के साथ विद्यार्थियों की सांस्कृतिक और सामाजिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना भी जरूरी है। एनएसएस विद्यार्थियों में नैतिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ.पूनम हेम्ब्रम ने कहा कि आज के युवाओं को सही दिशा देना चुनौतीपूर्ण है। युवा नशे और धूम्रपान की ओर आकर्षित हो रहे हैं। एनएसएस उन्हें सकारात्मक और रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। कुलसचिव डॉ.अब्दुस सत्तार ने कहा कि एनएसएस
युवाओं में सेवा, अनुशासन और नेतृत्व की भावना विकसित करता है। परीक्षा नियंत्रक डॉ.रीना नीलिमा लकड़ा ने स्वयंसेवकों से पढ़ाई के साथ सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की समस्याओं के समाधान में युवाओं की सहभागिता महत्वपूर्ण है। एनएसएस निदेशक डॉ.पूनम बिंझा ने कहा कि समाज और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने में एनएसएस की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं को माई भारत पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रेरित किया तथा नशा और धूम्रपान से दूर रहने का संदेश दिया। पूर्व कार्यक्रम समन्वयक डॉ.धनंजय कुमार मिश्रा ने एनएसएस के उद्देश्य और कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जिलों के नोडल पदाधिकारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।सम्मानित होने वाले नोडल पदाधिकारियों में दुमका की डॉ.रूपम कुमारी, देवघर की डॉ.भारती प्रसाद, साहिबगंज के कुमार प्रशांत भारती, गोड्डा के डॉ.बासुकीनाथ झा, पाकुड़ के प्रो.महबूब आलम तथा जामताड़ा की काकोली गोराई शामिल है। इसके अलावा महाविद्यालय स्तर पर चयनित कार्यक्रम पदाधिकारियों तथा विश्वविद्यालय स्तर पर चयनित स्वयंसेवकों को भी प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ.बासुकीनाथ झा और धन्यवाद ज्ञापन डॉ.अनुराधा जायसवाल ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक गौतम कुमार झा और लाल बिहारी साह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। ##### webakhbar.com
