चाईबासा घटना के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं का दुमका में धरना प्रदर्शन, राज्यपाल से की स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करने की मांग

दुमका। चाइबासा के सदर अस्पताल में थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के विरोध में मंगलवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने यहां सिविल सर्जन कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष गौरवकांत के नेतृत्व में आयोजित इस धरना प्रदर्शन में भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमरेंद्र सिंह मुन्ना, मनोज पांडेय,मार्शल ऋषिराज टुडू, बबलू मंडल, पूनम देवी, दीपक स्वर्णकार, रूपेश मंडल, सुजीत कुमार, मृणाल मिश्रा, जिला मीडिया सह प्रभारी नवल किस्कू, गणपति पाल, मणिलाल गृही, अजय सिंह, श्रीधर दास, दिनेश सिंह,अमन राज, गायत्री जायसवाल, रानी सिंह, दीपाली मंडल, रमेश मुर्मू, संतोष सोरेन, राजू पूजहर, बिमल मरांडी, महेंद्र मंडल, रामकृष्ण हेंब्रम, संतोष साह, हराधन मंडल, नारायण वैद्य, मनीष कुमार, ऋषिकेश गुप्ता, ध्रुव ज्योति महंता, गोविंद दान, रंजीत सिंह, संजय कुमार, आनंद कुमार, अनाथ मंडल, जितेंद्र साह आदि शामिल थे। धरना प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि हेमंत सरकार के शासनकाल में झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। अस्पतालों में गरीबों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है, जबकि भ्रष्ट अधिकारी और असंवेदनशील मंत्री मौन बैठे हैं। चाईबासा की यह भयावह घटना राज्य सरकार की नाकामी और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।

जिला अध्यक्ष गौरवकांत ने कहा कि गरीब आदिवासी बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने वाली यह सरकार अपनी नैतिकता खो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग में फैला भ्रष्टाचार अब लोगों की जान लेने पर उतर आया है। भाजपा इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने वर्ष 2021 में ही राज्य के ब्लड बैंकों की स्थिति सुधारने का निर्देश दिया था, किंतु राज्य सरकार ने इसे नजरअंदाज कर केवल औपचारिकता पूरी की।स्वास्थ्य विभाग में मनमाने टेंडर और आउटसोर्सिंग का खेल, प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री और कमीशनखोरी का बोलबाला है। रिम्स निदेशक तक ने शपथ पत्र में कहा है कि मंत्री कमीशन के बिना फाइल पर हस्ताक्षर नहीं करते, जिससे यह विभाग भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है। धरना प्रदर्शन के बाद भाजपा ने राज्यपाल के नाम प्रेषित एक ज्ञापन उपायुक्त अभिजीत सिन्हा को सौंपा। ज्ञापन में भाजपा ने राज्यपाल से चाईबासा सदर अस्पताल के दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई करने, पूरे मामले की सीटिंग जज या सीबीआई से उच्च स्तरीय जांच कराने, भ्रष्ट एवं असंवेदनशील स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने और राज्य के सभी ब्लड बैंकों और अस्पतालों की व्यापक जांच करने की मांग की है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष गौरवकांत ने कहा कि यदि राज्य सरकार शीघ्र कार्रवाई नहीं करती है, तो हम चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ता “भ्रष्ट स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दो, आदिवासी बच्चों के साथ अन्याय बंद करो, हेमंत सरकार हाय-हाय का नारा लगा रहे थे।
