एसकेएमयू : राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रुप में मनी भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती
दुमका। सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग में मंगलवार को भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ.संजीव कुमार सिन्हा ने मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दृष्टि पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज़ाद ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का मूल साधन माना था और विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा पर उनका ज़ोर आज भी अत्यंत प्रासंगिक है। पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ.बिजय कुमार ने मौलाना आज़ाद के जीवन और योगदान पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि आज़ाद के कार्यकाल में ही उच्च शिक्षा के विकास के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की स्थापना हुई थी। यह उनका ऐतिहासिक कार्य रहा। विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ.अजय सिन्हा ने अपने वक्तव्य में कहा कि मौलाना आज़ाद धार्मिक परिवार से संबंधित होने के बावजूद भारत के विभाजन के कट्टर विरोधी थे। उन्होंने सदैव एक एकीकृत व धर्मनिरपेक्ष भारत की वकालत की। उन्होंने विद्यार्थियों को मौलाना आज़ाद की प्रसिद्ध पुस्तक इंडिया विंस फ्रीडम पढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का संचालन शोध छात्र ध्रुव ज्योति घोष ने किया। कार्यक्रम में विभाग के छात्र-छात्राओं ने मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
