दुमका। नशे की जकड़न से मुक्त होकर बेहतर और संस्कारवान जीवन की ओर कदम बढ़ाने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज़ दुमका सेवा केंद्र द्वारा रविवार को प्रेरणादायी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्था के “10 करोड़ नशामुक्ति अभियान” के तहत आयोजित हुआ, जिसमें राजयोग मेडिटेशन और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से नशे की आदत छोड़ चुके भाई-बहनों को सम्मानित किया गया। समारोह में नशामुक्त जीवन का संकल्प लेने वाले लोगों को तिलक लगाकर, अंगवस्त्र ओढ़ाकर एवं परमपिता शिव बाबा का चित्र भेंट कर सम्मान प्रदान किया गया। सम्मानित लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नियमित राजयोग
मेडिटेशन और ब्रह्माकुमारीज़ के आध्यात्मिक ज्ञान ने उनके भीतर आत्मबल बढ़ाया, जिससे वे नशे जैसी बुरी आदतों को सहज रूप से छोड़कर स्वस्थ, सुखी और आत्मसम्मानपूर्ण जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ सके। कार्यक्रम का संचालन डॉ.पीयूष रंजन ने किया। ब्रह्माकुमारीज़ दुमका सेवा केंद्र की संचालिका बीके जयमाला दीदी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि मन और परिवार के सुख-शांति को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति के मन को मजबूत बनाता है और सकारात्मक सोच के माध्यम से बुरी आदतों पर विजय पाने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने सभी से नशामुक्त, मूल्यनिष्ठ और आध्यात्मिक जीवन अपनाने का आह्वान करते हुए ईश्वरीय सौगात प्रदान की। समारोह के मुख्य अतिथि जिला युवा अधिकारी सौरभ जैन एवं दुमका के वरीय पत्रकार राजीव रंजन ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ इस प्रकार के सामाजिक और
आध्यात्मिक प्रयास युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से नशे से दूर रहकर सकारात्मक जीवन अपनाने की अपील की। इस अवसर पर बंटी अग्रवाल, गणेश भाई, राजू भाई, कंचन बहन, जयश्री बहन, अर्जुन भाई सहित ब्रह्माकुमारीज़ संस्था के अनेक सदस्य एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन “नशामुक्त, स्वस्थ और संस्कारवान भारत” के सामूहिक संकल्प के साथ किया गया।

