नौ दिन मौसी बाड़ी में रहने के बाद कल घर लौटेंगे महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी, दुमका में निकलेगी भव्य बहुड़ा यात्रा
दुमका। पुरी की तरह झारखंड की उपराजधानी दुमका में भी भगवान श्री जगन्नाथ अपनी बहन देवी सुभद्रा और बड़े भाई श्री बलराम के साथ नौ दिनों तक मौसी बाड़ी में आतिथ्य स्वीकार करने के बाद शुक्रवार को अपने धाम लौटेंगे। भगवान की इस वापसी यात्रा को बहुड़ा यात्रा कहा जाता है, जिसे आम बोलचाल में उल्टा रथ यात्रा भी कहा जाता है। इस्कॉन, दुमका की ओर से बांधपाड़ा पोखरा चौक स्थित मौसी बाड़ी में आयोजित नौ दिवसीय श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव का शुक्रवार को भव्य समापन होगा। इस अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और श्री बलराम की वापसी के लिए पूरे विधि-विधान और उल्लास के साथ बहुड़ा यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
आध्यात्मिक दृष्टि से बहुड़ा यात्रा केवल भगवान के लौटने का उत्सव नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के बीच प्रेम, अपनत्व और मिलन का प्रतीक है। रथयात्रा के दौरान भगवान स्वयं अपने मंदिर से बाहर निकलकर भक्तों के बीच आते हैं और मौसी बाड़ी में नौ दिन बिताने के बाद पुनः अपने धाम लौटते हैं। मान्यता है कि भगवान का यह आवागमन भक्तों को यह संदेश देता है कि जो भक्त सच्चे प्रेम और भक्ति से भगवान को पुकारता है, भगवान स्वयं उसके पास आते हैं।
शुक्रवार को दुमका शहर के दुर्गा स्थान और दुमका से करीब छह किलोमीटर दूर धधकिया गांव स्थित सतन आश्रम से भी भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य उल्टा रथ यात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के रथ को खींचकर उन्हें उनके धाम पहुंचाने का सौभाग्य प्राप्त करेंगे।
इस्कॉन की बहुड़ा यात्रा बांधपाड़ा स्थित मौसी बाड़ी से प्रारंभ होकर गिलानपाड़ा स्थित श्री राधा माधव मंदिर पहुंचेगी। इसके बाद भगवान श्री जगन्नाथ अपनी बहन देवी सुभद्रा और बड़े भाई श्री बलराम के साथ राज पैलेस स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचेंगे। बहुड़ा यात्रा के साथ ही नौ दिवसीय रथयात्रा महोत्सव का समापन होगा। इस दौरान हरिनाम संकीर्तन, भक्ति संगीत और भगवान के जयघोष से दुमका का वातावरण एक बार फिर भक्तिमय हो उठेगा। श्रद्धालु भगवान के रथ की रस्सी खींचकर उनके धाम वापसी के साक्षी बनेंगे और उनके दर्शन का पुण्य प्राप्त करेंगे।
